वर्तमान में कान्वेंट स्कूल बच्चों की हर गतिविधि की अभिभावकों को एसएमएस के माध्यम से जानकारी देते हैं। कान्वेंट स्कूलों ने अभिभावकों की जवाबदेही भी सुनिश्चित की हुई है। अब इसी तर्ज पर सरकारी स्कूल भी एसएमएस से अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने के प्रयास में जुटे हैं।
ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन छुट्टियों के दौरान भी होम वर्क और प्रोजेक्ट में सहायता देने के लिए साप्ताहिक तौर पर एसएमएस भेजे जाएंगे। अभिभावक 70655 59911 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर भविष्य में संदेशों को प्राप्त करने में रुचि व्यक्त कर सकते हैं।
शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने एसएमएस सेवा का शुभारंभ करते हुए अभिभावकों को भेजे पहले संदेश में लिखा ‘प्रिय अभिभावक, हिमाचल प्रदेश शिक्षा मंत्री का आपको नमस्कार। अबसे मैं आपके बच्चों की शिक्षा के लिए आपसे नियमित रूप से जुड़ा रहूंगा।
सरकार की ओर से शिक्षा में करी जा रही रही पहल को भी मैं आपसे साझा करता रहूंगा। सरकारी स्कूल में विश्वास रखने के लिए आपका धन्यवाद। आइये हम सब मिलकर अपने बच्चों को शिक्षित और संपन्न बनायें।’
दूसरे मेसेज में छात्रों के विषयगत प्रदर्शन को माता-पिता के साथ साझा किया। अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा स्तर पर विस्तार से चर्चा करने के लिए शिक्षकों से मिलने की अपील भी की।
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड अगले सत्र से सरकारी स्कूलों में जमा एक और दो कक्षा के विद्यार्थियों को भी सौगात देने जा रहा है। अब ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों को भी मुफ्त किताबें मिलेंगी। इससे अभिभावकों को भी राहत मिलने वाली है। इसके लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश सरकार ने सूबे के सरकारी स्कूलों में पहली से जमा दो कक्षा तक के छात्रों को बजट में निशुल्क किताबें देने की घोषणा की थी। अभी तक पहली से दसवीं कक्षा तक के छात्र-छात्राओं को ही यह सुविधा दी जाती है।
लेकिन, अब जमा एक और दो कक्षा के विद्यार्थियों के लिए फ्री किताबें देने प्रावधान पहली बार किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने योजना बनाना शुरू कर दी है।
स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव हरीश गज्जू ने कहा कि वर्ष 2019-20 के सत्र के लिए पहली से लेकर जमा दो कक्षा तक के छात्रों को मुफ्त में पाठ्य पुस्तकें दी जाएंगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।