इस घटना में शिक्षा विभाग की लापरवाही देखने को मिली है। क्योंकि जिस भवन की दीवार गिरी, उसे वर्ष 2012 में अनसेफ घोषित किया जा चुका है। क्योंकि भूकंप के झटकों से भवन को काफी क्षति पहुंची थी।
इसको लेकर स्कूल प्रबंधन व एसएमसी ने कई बार शिक्षा विभाग को अवगत करवाया। परंतु किसी ने भी स्कूल भवन को डिस्मेंटल कर नया भवन बनाने की जहमत नहीं उठाई। उसकी वजह से यह घटना देखने को मिली।
समय रहते अनसेफ भवन को डिस्मेंटल नहीं किया तो आने वाले समय में इसके भीषण परिणाम देखने को मिल सकते हैं। स्कूल प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष रमेश चंद ने स्थानीय प्रशासन से अनसेफ भवन की जगह नया भवन बनाने की मांग की है।
एसडीएम सलूणी विजय धीमान ने बताया कि उनके ध्यान में स्कूल प्रबंधन ने यह मामला लाया है। स्कूल प्रबंधन को एहतियात बरतने को कहा गया है। जल्द ही अनसेफ भवन को डिस्मेंटल कर नया भवन बनाने की कवायद शुरू की जाएगी।