नगर निगम ने तैयार की कब्जाधारियों की सूची, कोर्ट ने बसाने के जारी किए हैं आदेश
सब्जी मंडी में बनना है निगम का नया परिसर, इसके लिए टूटने हैं कर्मचारी आवास और अन्य निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सब्जी मंडी में सालों से नगर निगम की जमीन पर कब्जा जमाकर रह रहे लोगों को भी अब निगम को बसाना होगा। कर्मचारियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बाद अब नगर निगम को इन लोगों को बसाने की कवायद भी शुरू करनी पड़ी है।
कोर्ट के आदेशों के अनुसार इन्हें बसाने के बाद ही सब्जी मंडी क्षेत्र में इनके मकान टूट सकेंगे। इन कब्जाधारियों का दावा है कि ये 30 से ज्यादा सालों से यहां रह रहे हैं। इनका शहर में कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। कोर्ट ने भी इन्हें बसाने के लिए निगम को आदेश दिए हैं। निगम अब इन्हें आवास देगा जहां ये स्थायी तौर पर रह सकेंगे। नगर निगम टीम ने हाल ही में सब्जी मंडी क्षेत्र का निरीक्षण कर सभी अवैध कब्जों की सूची तैयार की है। यहां कुल सात कब्जाधारी हैं जिन्होंने नगर निगम की जमीन पर कब्जे कर मकान बनाए हैं। निगम इस क्षेत्र में अपना नया परिसर बनाने जा रहा है। इसके लिए मौके पर बने कर्मचारी आवास, दुकानें और अन्य निर्माण तोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं। नगर निगम ने इस क्षेत्र में बने ज्यादातर कर्मचारी आवासों को खाली करवा दिया है। इन्हें तोड़ने का काम भी शुरू हो गया है। अब सब्जी मंडी के साथ लगते क्षेत्र में कब्जे कर रह रहे लोगों को बसाने की तैयारी चल रही है।
यहां बनेंगे दफ्तर, दुकानें और शोरूम
सब्जी मंडी में नगर निगम अपना बड़ा परिसर बनाएगा। इसमें 200 गाड़ियों की पार्किंग बनेगी। निगम के सभी दफ्तर एक छत के नीचे तैयार होंगे। इसके अलावा करीब 250 दुकानें, कई शोरूम का भी निर्माण किया जाएगा। यह पूरी जमीन नगर निगम की है। जल्द ही मुख्यमंत्री के हाथों इस मेगा प्रोजेक्ट का शिलान्यास करवाने की तैयारी चल रही है। करीब तीन सौ करोड़ रुपये से इस परिसर का निर्माण होना है। सरकार की ओर से अभी 140 करोड़ इसके लिए मंजूर हो चुके हैं। बाकी पैसा अर्बन चैलेंज फंड से जुटाया जा रहा है।
शिफ्ट होंगे सभी लोग
सब्जी मंडी क्षेत्र से सात कब्जाधारियों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा रहा है। इन्हें बसाने के लिए नगर निगम ने आवास भी चिह्नित कर लिए हैं। जल्द ही इन आवासों में इने शिफ्ट कर दिया जाएगा।
-डॉ. भुवन शर्मा, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम शिमला