जन जातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति और पांगी के लोगों को ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बड़ी राहत दी है। इन इलाकों के लोगों को अब रोहतांग पार करने के लिए बार-बार परमिशन नहीं लेनी पड़ेगी।
पूरा सीजन (रोहतांग खुलने से बंद होने तक) आने जाने के लिए इन्हें एक ही बार मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा रोहतांग जाने के लिए लाहौल- स्पीति के लोगों से कोई ग्रीन टैक्स भी नहीं लिया जाएगा। लोगों की याचिका पर शुक्रवार को ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ये आदेश दिए हैं।
उपायुक्त कुल्लू राकेश कंवर ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों की पुष्टि की है। मनाली की ओर से लाहौल स्पीति व पांगी जाने के लिए रोहतांग दर्रा पार करना पड़ता है। छह फरवरी 2014 को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने लाहौल-स्पीति और पांगी के स्थानीय लोगों के लिए भी घर आने-जाने के लिए हर बार परमिट लेना अनिवार्य कर दिया था।
लाहौल-स्पीति जन जातीय कल्याण समिति ने 24 अप्रैल को ग्रीन ट्रिब्यूनल में लोगों को राहत देने के लिए अपील की थी। ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अब लोगों की समस्या को देखते हुए लाहौल-स्पीति और पांगी के लोगों को पूरे सीजन के लिए एक ही बार अनुमति लेने की राहत दी है।
कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं याचिकाकर्ता डा. चंद्र मोहन परशीरा ने बताया कि 25 जून को ही माननीय न्यायाधीश ने लाहौल स्पीति के लोगों के हितों की रक्षा का आश्वासन दिया था।