हिमाचल के मंडी में युवा शक्ति संगठन के अध्यक्ष गिरधारी लाल का क्षेत्र की मांगों को लेकर आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। मंगलवार को युवा शक्ति संगठन के कार्यकर्ताओं ने चुक्कू जा रहे स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर के काफिले को धरना प्रदर्शन स्थल पर वार्ता के लिए रोका।
संगठन के मुख्य सलाहकार रविकांत ने वाहन में बैठे स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता की लेकिन स्वास्थ्य मंत्री ने वार्ता करने से साफ इंकार कर दिया। कार्यकर्ताओं ने आमरण अनशन पर बैठे अध्यक्ष गिरधारी लाल से मिलने का अनुरोध स्वास्थ्य मंत्री से किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने गाड़ी में ही बैठे-बैठे अनशन करने वाले कार्यकर्ताओं को खरी खोटी सुना दी और वहां से निकल गए। बाद में कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। अनशन पर बैठे गिरधारी लाल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के गृह क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है।
पधर सिविल अस्पताल में मात्र दो विशेषज्ञ चिकित्सक के पदों को सृजित किया गया है। जबकि, सिविल अस्पताल में कम से कम सात विशेषज्ञ होने चाहिए। इस दौरान अनशन पर बैठे गिरधारी लाल के स्वास्थ्य की जांच चिकित्सकों ने अनशन स्थल पर की।
महिलाओं ने मंत्री से सवाल किया कि सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मशीन क्यों नहीं चल रही है। क्षेत्र की मांगों को लेकर संगठन ने जोरदार संघर्ष करने की नीति बनाई है। युवा शक्ति संगठन ने द्रंग के लोगों से आग्रह किया है कि 26 जनवरी को होने जा रही विशाल रैली में भाग लेकर मांगों को लेकर आवाज बुलंद करें। उधर, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि पधर का विकास उनकी देन है।
जो आज एक शहर के रूप में तबदील हो चुका है। कार्यकर्ताओं से उनकी बात हुई है। अनशन पर बैठे कार्यकर्ता गिरधारी लाल ने आज तक पधर की समस्याओं को लेकर उनसे कभी बात नहीं की। क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को उन्होंने हमेशा प्राथमिकता के साथ हल किया है। नारेबाजी की घटना से उन्होंने अनभिज्ञता जताई।