बजट में कटौती और घोष्ाणाओं पर रोक लगाने से कांगड़ा के जन प्रतिनिध बुरी तरह भड़क गए हैं। जन प्रतिनिधियों ने ऐलान किया है कि ऐसे फैसलों के लिए मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए जाएंगे। पंचायती राज मंत्री को भी नसीहत दी है कि वे कांगड़ा में न घुसें। 24 सितंबर को धर्मशाला में बैठक भी बुलाई है। इसमें सरकार को घेरने की रणनीति बनाई जाएगी। कुल्लू और ऊना में भी जनप्रतिनिधियों ने सरकार के इस फैसला का कड़ा विरोध किया है।
जिला परिषद कांगड़ा के अध्यक्ष श्रेष्ठा, उपाध्यक्ष जगदेव, धर्मशाला पार्षद प्रेम सागर, देवराज, स्वरूप सिंह पठानिया, सतपाल धीमान, मिंटू पराशर, सुमन बाला, रीता धीमान, रविंद्र सिंघी, अश्वनी कटोच, अनीता ने कहा कि अगर मंत्री को लगता है कि पार्षद राजनीति से प्रेरित घोषणाएं करते हैं तो वे ऐसे पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं।