स्टॉल में बिक्री के लिए लगाए जैविक उत्पादों को प्रदेशभर से लाया गया है। इन उत्पादों में सिबकथोर्न युक्त सूखी बेरी की मांग सबसे ज्यादा है। प्रदर्शनी में सिबकथोर्न से बने कई उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। इनमें हिमालयन हब से बना पहाड़ी नमक, पहाड़ी ठांगी यानी हेजल नट, जैविक सूप, स्पीति के काले मटर, हर्बल टी घुरनू, चंबा का राजमा, काला जीरा, चुली का तेल, जैविक क्रीम, साबुन, जूस शामिल है। सिबकथोर्न के सभी उत्पाद लाहौल-स्पीति से मंगाए जाते हैं। इन उत्पादों को बेचने वाले स्टॉल संचालक चंदन शर्मा और करण ने दावा किया कि सिबकथोर्न से बने सभी उत्पाद लोगों की कई बीमारियों को कम करने में मदद करते हैं। सिबकथोर्न का पौधा लाहौल-स्पीति के जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगाया जाता है। प्रदर्शनी
में सिबकथोर्न से बना जैम 300 से 480 रुपये तक, जूस 500 से 900 रुपये प्रति बोतल और सूखी बेरी का डिब्बा 700 रुपये में मिल रहा है। कार्बो सोसायटी की ओर से प्रदेशभर की महिलाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन उत्पादों को ऑनलाइन भी बेचा जा रहा है। सोसायटी उनसे यह उत्पाद खरीदती हैं जिससे उन्हें आय प्राप्त होती है। संवाद