फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: पेंशनरों ने आक्रोश रैली निकालने के बाद जोरावर में किया चक्का जाम, पैरा-मल्टी टास्क वर्कर भी गरजे

Fri, 28 Nov 2025 02:47 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला

सार

 शीत सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को पुलिस मैदान में मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने आक्रोश  रैली निकाली।
विज्ञापन
जोरावर स्टेडियम में गरजे पेंशनर और पैरा-मल्टी टास्क वर्कर। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल विधानसभा शीत सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को पुलिस मैदान में मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने आक्रोश  रैली निकाली। इस दौरान पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए माैके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

विज्ञापन



आक्रोश रैली के बाद पेंशनर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जोरावर स्टेडियम के लिए रवाना हुए। इस दौरान पुलिस बल ने प्रवेश द्वार बंद कर दिया लेकिन पेंशनरों ने एकत्रित होकर धक्का लगाकर गेट खोल दिया। इसके बाद पेंशनर जोरावर स्टेडियम के लिए रवाना हो गए। जोरावर स्टेडियम पहुंचने पर पेंशनर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए अड़ गए। इस दाैरान पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की भी हुई। पेंशनरों ने चक्का जाम किया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जोरावर स्टेडियम में गरजे जल शक्ति विभाग के पैरा और मल्टी टास्क वर्कर, जमकर की नारेबाजी
जल शक्ति विभाग में कार्यरत पैरा और मल्टी टास्क वर्करों ने आश्वासन के बावजूद उनके लिए कोई भी नीति नहीं बनाने पर शुक्रवार को शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ जोरावर स्टेडियम में प्रदर्शन किया। इस दाैरान वर्करों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वर्करों का कहना है कि महंगाई के दौर में 5-6 हजार में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। सरकार को 68 बार मांग पत्र सौंपने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा है। पैरा वर्करों और मल्टी टास्क वर्करों ने मल्टी टास्क वर्कर संघर्ष मोर्चा के बैनर तले हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में वर्कर पहुंचे।  संघर्ष मोर्चा के मुख्य सलाहकार सुरेश चौहान कहा कि आज उन्हें मात्र 150 रुपये दिहाड़ी मिल रही है, जिससे न तो अपना खर्चा निकल पा रहा है और न ही परिवार और बच्चों की सही से परवरिश हो पा रही है। संघर्ष मोर्चा के उपाध्यक्ष ईशान भारद्वाज ने कहा कि यदि प्रदेश की सुक्खू सरकार उनके लिए कोई नीति नहीं बना सकती है तो सरकार लिखकर दे, ताकि वे कहीं और नौकरी की तलाश कर सकें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें