एचआरटीसी के 600 कर्मचारियों को न तो पेंशन मिल रही है और न ही उन्हें सेवानिवृत्त के बाद लीव इन कैशमेंट का पैसा दिया गया। जून से दिसंबर 2018 के पीरियड में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन सुविधा का लाभ दे दिया, जबकि दिसंबर 2018 से मई 2019 तक करीब 600 कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्हें न तो बिना लीव इन कैंशमेंट का पैसा दिया गया और न ही पेंशन दी जा रही है। एचआरटीसी प्रबंधन के इस रवैया से एचआरटीसी कर्मचारी उग्र हो गए हैं। यूनियन इस मामले को मुख्यमंत्री से उठाने जा रहा है।
एचआरटीसी तकनीक कर्मचारी संगठन के सलाहकार राजेंद्र ठाकुर और सर्व कर्मचारी संगठन के सचिव खमेंद्र गुप्ता ने बताया कि एचआरटीसी कर्मचारियों को अभी तक आईआर के पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। 18 महीने से चालक परिचालक को ओवरटाइम का पैसा नहीं दिया गया।
आचार संहिता के चलते यूनियन ने कर्मचारियों की मांग को सरकार से नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि एचआरटीसी के उन कर्मचारियों को पेंशन दी गई जो जून से दिसंबर के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं। इनकी संख्या काफी कम है, जबकि मई 2019 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है। निगम प्रबंधन से इस मामले को उठाया गया, लेकिन अब इसे सरकार के स्तर पर ही उठाया जाना है।