क्या है पैजा चावल
लवी मेले में बीते कई सालों से चावल का कारोबार करने वाले कारोबारी अमरनाथ ने बताया कि पैजा एक जैविक चावल है और शुगर फ्री है। शुगर के मरीज इस चावल का सूप को पी सकते हैं। दस्त में भी इसका सूप लाभदायक होता है। इस चावल का सूप पेट के लिए रामवाण है। उन्होंने कहा कि इस खास किस्म के चावल का पेटेंट करवाया गया है। यह राष्ट्रपति से सम्मानित चावल है। इस चावल का दाम प्रति किलो 800 रुपये है।
इन क्षेत्रों में होता है लाल चावल
गाैरतलब है कि लाल चावल की फसल को पानी की बहुतायत वाले चिड़गांव, रोहड़ू, रामपुर, कुल्लू घाटी, सिरमौर तथा कांगड़ा जिला के ऊपरी क्षेत्रों में किया जाता है। राज्य में लोकप्रिय लाल चावल की किस्मों में रोहड़ू में छोहारटू, चंबा में सुकारा तियान, कांगड़ा में लाल झिन्नी तथा कुल्लू में जतू और मटाली किस्में किसानों की ओर से उगाई जाती हैं। लाल चावल की फसल मध्य हिमालय के पानी की बहुतायत वाले क्षेत्रों में मोटी मिट्टी में गर्म तथा आर्र्दता भरे वातावरण में उगाई जाती है। इस समय यह फसल 213 हेक्टेयर भूमि में शिमला जिला के सुरु कूट, कुथरु, गानवी, जांगल, नाडाला, कलोटी, देवीधार आदि क्षेत्रों में उगाई जाती है। चंबा जिला में लाल चावल की फसल 107 हेक्टेयर में मानी, पुखरी, साहो, कीड़ी, लाग, सलूणी और तीसा क्षेत्रों में उगाई जाती है।