ऐसे में लोकल दुकानदार इसे नहीं बेचते। बाजारों में अभी जो मटर है, वह ज्यादातर दूसरे राज्यों से आ रहा है। वहीं, किन्नौर से पहुंचने वाला सारा मटर मुंबई के लिए भेजा जा रहा है।
क्वालिटी अच्छी, लागत भी है ज्यादा
ढली सब्जी मंडी में एमजी आढ़त चलाने वाले चेतन ठाकुर ने बताया कि किन्नौरी मटर की क्वालिटी दूसरे जिलों की मटर से बेहतर रहती है। इसलिए इसके रेट ज्यादा रहते हैं।
किन्नौर से शिमला ढली मंडी तक सप्लाई पहुंचाने का भाड़ा काफी ज्यादा है। ऐसे में इसे महंगे दामों पर बेचना पड़ता है। शिमला जैसे शहर में इस मटर की डिमांड कम है, जबकि मुंबई में अच्छे रेट मिल रहे हैं।