हिमाचल प्रदेश में हिमुडा का एक कारनामा सामने आया है। वर्ष 2016-17 में व्यावसायिक परिसर कसुम्पटी और बीसीएस फेज-तीन में रेजिडेंशियल कॉमर्शियल कांप्लेक्स निर्माण के दौरान ठेकेदार को दरवाजों और खिड़कियों की लकड़ी के बिल प्रस्तुत किए बिना ही भुगतान जारी कर दिया। यह राशि 6 लाख, 61 हजार 807 रुपये की है। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब हिमुडा के लेखा-जोखा का आकलन किया गया।
हिमुडा हिमाचल में जमीनें खरीदता है और फ्लैट बनाकर लोगों को बेचता है। इसके तहत हिमुडा ने कसुम्पटी और न्यू शिमला फेज-तीन में जमीन खरीदी और व्यावसायिक परिसर और रेजिडेंशियल कामर्शियल भवन बनाने का फैसला लिया।
निर्माण के दौरान इनमें लकड़ियों के खिड़कियां और दरवाजे लगाए जाने थे, लेकिन ठेकेदार ने लकड़ियों का बिल हिमुडा में जमा नहीं कराया और हिमुडा ने भी बिना बिल जमा कराए ठेकेदार को लाखों रुपये की पेमेंट कर दी। नियमों के मुताबिक लकड़ी खरीद से पहले हिमुडा को बिल जमा करना होता है उसके बाद ही पेमेंट जारी की जाती है।
वर्क नेम - वाउचर नंबर - राशि (लाखों में)
1. कॉमर्शियल परिसर कसुम्पटी - 56/17.02.2017 451945
2. रेजिडेंशियल परिसर न्यू शिमला - 113/31.03.2017 209862
मामले की होगी जांच : सूद
सचिव वित्त एवं हिमुडा के सीईओ अक्षय सूद ने कहा है कि उनके ध्यान में यह मामला लाया गया है। वह इसकी जांच करेंगे। आडिट रिपोर्ट में अगर यह बात सामने आई तो उसका जवाब दिया जाएगा।