नए वेतनमान के विकल्प भेजने के लिए राज्य सरकार के विभिन्न विभाग राज्य लेखा परीक्षा विभाग के उनके पास नियुक्त अधिकारियों से जांच-परख नहीं करवा रहे हैं, जबकि इस बारे में वित्त विभाग की ओर से भी आदेश जारी हैं।
हिमाचल प्रदेश के कोषागारों में संशोधित वेतनमाल के लिए विकल्प देने के मामले बगैर जांचे-परखे ही भेजे जा रहे हैं। इस पर राज्य सरकार के वित्त विभाग के तहत कार्यरत कोष, लेखा एवं लॉटरीज निदेशालय तल्ख हो गया है। संयुक्त निदेशक कोष ने सभी जिला कोषाधिकारियों को एक पत्र लिखा है। इसमें सभी कोषाधिकारियों को दो टूक कहा गया है कि विभागीय अधिकारियों की ओर से वेतन निर्धारण आदेशों को नियमानुसार नहीं देखा जा रहा है।
विज्ञापन
नए वेतनमान के विकल्प भेजने के लिए राज्य सरकार के विभिन्न विभाग राज्य लेखा परीक्षा विभाग के उनके पास नियुक्त अधिकारियों से जांच-परख नहीं करवा रहे हैं, जबकि इस बारे में वित्त विभाग की ओर से भी आदेश जारी हैं। बगैर वैटिंग किए वित्त एवं आहरण अधिकारी सीधे जिला कोषाधिकारियों या उपकोषों को ऐसे मामले भेज रहे हैं। जबकि इनकी हिमाचल प्रदेश वित्त एवं लेखा परीक्षा अधिकारियों से मूल्यांकन करवाना जरूरी है। ऐसे अधिकारी बाकायदा राज्य लेखा परीक्षा विभाग ने इन विभागों में नियुक्त कर रखे हैं।
कोषागारों में महज 10 फीसदी मामले ही पहुंचे, कैसे होगा वेतन निर्धारण इस पर संशय
कोषागारों में 2.25 और 2.59 गुणांकों के विकल्पों वाले अभी तक महज 10 फीसदी मामले ही पहुंचे हैं। अभी करीब 90 फीसदी मामले आने वाले हैं, जबकि जनवरी महीना अब बीतने वाला है। ऐसे में नया वेतन निर्धारण कैसे होगा, इस बारे में संशय बना हुआ है।