डॉ. शांडिल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि आयुष्मान कार्ड प्रदेश के अस्पतालों कई अस्पतालों में नहीं चल रहे हैं। इससे मरीजों को इलाज करवाने में दिक्कतें आ रही हैं। निजी अस्पतालों के लिए भी आयुष्मान कार्ड का पैसा काफी समय से नहीं आ रहा है।
प्रदेश में आयुष्मान कार्ड से इलाज करवाने में आ रहीं समस्याओं पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कर्नल धनीराम शांडिल ने नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख एल. मांडविया से मुलाकात की। डॉ. शांडिल ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि आयुष्मान कार्ड प्रदेश के अस्पतालों कई अस्पतालों में नहीं चल रहे हैं। इससे मरीजों को इलाज करवाने में दिक्कतें आ रही हैं। निजी अस्पतालों के लिए भी आयुष्मान कार्ड का पैसा काफी समय से नहीं आ रहा है। इससे कई निजी अस्पतालों ने मरीजों का इलाज करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को बताया कि बीते एक साल से अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से किए इलाज का पैसा नहीं आ रहा है।
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उन्होंने प्रदेश के तीन मेडिकल कॉलेजों में अधूरे पड़े कार्यों को भी पूरा करवाने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि एम्स बिलासपुर, चंबा और नाहन मेडिकल कॉलेज में अभी काम पूरा नहीं हुआ है। यहां मरीजों को पूरी तरह से सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कई मशीनें अभी अस्पतालों में नहीं लग पाई हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में सुविधाएं मुहैया करवाने की मांग उठाई। डॉ. शांडिल ने केंद्रीय मंत्री मनसुख एल. मांडविया के साथ प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। केंद्रीय मंत्री ने हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। शांडिल के मंत्री बनने के बाद केंद्रीय मंत्री से उनकी यह पहली मुलाकात थी।
राज्यपाल से मिले विधायक कुलदीप राठौर
वहीं, ठियोग के विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीति और कई अन्य मुद्दों पर बातचीत की। राठौर ने राज्यपाल से प्रदेश में युवाओं में बढ़ते नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस बुराई को दूर करने के लिए सभी दलों को आगे आना होगा।