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जांच कमेटी ने डॉक्टरों से पूछा सवाल
डॉक्टरों का जवाब, सालों से कर रहे हैं ऐसे ऑपरेशन
ऑपरेशन के दौरान दिल के रोगी की मौत का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के कार्डियोलॉजी विभाग में ऑपरेशन के दौरान हुई मरीज की मौत के मामले पर शनिवार को जांच कमेटी ने बैठक बुलाई।
बैठक के दौरान कमेटी के सदस्यों ने डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की टीम से दो सवाल पूछे। कमेटी ने कार्डियोलॉजी विभाग की टीम से पूछा कि अगर मरीज की हालत नाजुक थी तो उसे रेफर क्यों नहीं किया? इस पर डॉक्टरों ने जवाब दिया है कि अस्पताल में इस तरह के ऑपरेशन सालों से किए जा रहे हैं। दुर्व्यवहार पर पूछे सवाल पर कहा कि उन्होंने ऐसा व्यवहार नहीं किया है। आईजीएमसी प्राचार्य डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल के एमएस की अध्यक्षता में यह बैठक हुई है।
आईजीएमसी के कार्डियोलॉजी विभाग में दाखिल मरीज की बुधवार को ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। इस पर परिजनों ने विभाग में हंगामा भी किया था। चिकित्सकों की लापरवाही को मरीज की मौत का कारण बताया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि मरीज की हालत अगर नाजुक थी तो पहले ही पीजीआई रेफर करना चाहिए था। सरकाघाट (मंडी) के रहने वाले सुशील (47) के दिल की मुख्य नस बंद थी। डॉक्टरों ने बुधवार को मरीज का ऑपरेशन करने की तैयारी की थी। ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली ओसीटी मशीन को चंडीगढ़ से मंगवाया था। बताया जा रहा है कि मरीज के ऑपरेशन के दौरान क्लॉट बढ़ रहे थे। इसी बीच दोपहर के करीब साढ़े बारह से एक बजे के बीच मरीज की मौत हो गई। मृतक के बेटे संजीव राणा ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों की लापरवाही से उनके पिता की मौत हुई है। हालांकि मामला बढ़ने के बाद डॉक्टर ने व्यवहार को लेकर माफी मांगी थी। आईजीएमसी के एमएस की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम का गठन किया था। अब इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।