राज्य सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन जेसी शर्मा की अध्यक्षता में वर्ष 2010 के सड़कों के फिटनेस नियमों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों में गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर में इस तरह की सड़कें सैकड़ों की संख्या में हैं जो पास नहीं हैं।
हिमाचल प्रदेश में गांवों में बनीं सैकड़ों संपर्क सड़कों को पास करने के लिए अब नए नियम बनेंगे। इसके लिए राज्य सरकार वर्ष 2010 के परिवहन नियमों को संशोधित कर रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतें और अन्य एजेंसियां संपर्क सड़कें तो बना रही हैं, लेकिन मौजूदा नियमों के तहत इन्हें फिट नहीं पाए जाने की वजह से पास नहीं किया जा रहा है।
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इससे इनमें दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं और मुआवजा नहीं मिलने के कारण वाहन मालिकों को भी नुकसान हो रहा है। राज्य सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन जेसी शर्मा की अध्यक्षता में वर्ष 2010 के सड़कों के फिटनेस नियमों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न विभागों के अधिकारियों में गंभीर चर्चा हुई। रोड सेफ्टी कमेटी की इस बैठक में पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, पुलिस, परिवहन आदि विभागों के अधिकारियों के साथ भी मंत्रणा हुई। इन्होंने अपने-अपने विभागों से संबंधित सुझाव दिए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश भर में इस तरह की सड़कें सैकड़ों की संख्या में हैं जो पास नहीं हैं। ऐसी सड़कों पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। दूसरी बात यह है कि अगर इन सड़कों में कोई दुर्घटना हो जाती है तो ऐसे में भी वाहन मालिकों को मुआवजा नहीं मिल पाता है। अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन जेसी शर्मा ने कहा कि इस बारे में सभी विभाग दो हफ्ते के अंदर अपने सुझाव दें। उसके बाद नए रोड फिटनेस नियमों की रूपरेखा तैयार होगी।
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अभी तक बस चलाना है सड़कों को पास करवाने का नियम
हिमाचल प्रदेश सड़कों को पास करने की विधि अभी तक यह है कि सड़कों से बस गुजारी जाए। अब इस नियम में भी रियायत मिल सकती है। एंबुलेंस और 18 सीटर गाड़िया चलाने के नियमों तक इस मामले में रियायत दी जा सकती है।