हिमाचल के जिला कांगड़ा के शक्तिपीठों ज्वालामुखी, कांगड़ा, चामुंडा को रेलवे द्वारा जल्द सुविधाओं से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। रेल मंत्रालय की यात्री सुविधा समिति की छह सदस्यीय टीम ने ज्वालामुखी रेलवे स्टेशन रानीताल में सुविधाओं का जायजा लिया। 28 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली बैठक में यह कमेटी अपने सुझाव प्रस्तुत करेगी और प्रयास करेगी कि ज्वाला देवी, कांगड़ा देवी व चामुंडा को जल्द और सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि यहां अधिक संख्या में श्रद्धालु रेल द्वारा भी पहुंच सकें।
ज्वालामुखी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद पूरी टीम ने ज्वालामुखी पहुंचकर माता ज्वाला के दर्शन किए और हवन-यज्ञ भी किया। मंदिर प्रशासन द्वारा उन्हें विधिवत पूजा अर्चना करवाई गई और माता का सिरोपा भी भेंट किया गया। 6 सदस्यीय यात्री सुविधा समिति रेलवे बोर्ड में चेयरमैन पीके कृष्णा दास, अमरेश रॉय, जी प्रेमानंदा, सी रवींद्रन, हिमाद्री बाल, पर्सनल सेक्रेटरी चेयरमैन परशुराम महतो मौजूद रहे। चेयरमैन पीके कृष्णा दास व सदस्य अमरेश रॉय ने बताया कि रानीताल में 1924 से रेलवे स्टेशन है। यहां पर नैरो गेज पटरी है। यहां पर छह माह ही रेल चल पाती है।
बरसात या ज्यादा बारिश के दिनों में यह बंद हो जाती है। अब रेल मंत्रालय सभी नैरोगेज (पटरी) को मीटर या ब्रॉडगेज में बदल रही है। इसलिए रेल मंत्रालय से बैठक में यह बात रखी जाएगी कि इस नैरोगेज को ब्रॉडगेज में बदला जाए। अगर किन्हीं कारणों से यह संभव नहीं हो पाता है तो इस नैरोगेज स्टेशन को और अधिक सुविधाएं देकर बेहतर बनाया जाएगा। जन शताब्दी, एक्सप्रेस, राजधानी बंदेमातरम एक्सप्रेस की तरह यहां सुविधाएं जुटाई जाएंगी क्योंकि यहां दुनिया भर से पर्यटक व श्रद्धालु देवियों के दर्शन करने आते हैं।