राज्य चुनाव आयुक्त व पूर्व मुख्य सचिव पार्थ सारथी मित्रा के वायस सैंपल और पॉलीग्राफ टेस्ट लेने से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है। मंगलवार को अदालत में हुई सुनवाई के दौरान आरोपी विनोद मित्तल और रिटायर्ड सचिवालय कर्मचारी नरेंद्र कंवर के वायस सैंपल लेने को लेकर पक्ष विपक्ष के बीच बहस हुई। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने सैंपल लेने का निर्णय लेने के लिए 5 नवंबर की तारीख तय की है।
वहीं, पी मित्रा मंगलवार को कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील ने अदालत में पक्ष रखते हुए सैंपल देने का विरोध किया। जिसके बाद अदालत ने उनके मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 नवंबर का दिन तय किया है। बता दें, धारा 118 के तहत गैर कृषकों को भूमि खरीदने की अनुमति देने के एवज में अवैध लेनदेन के आरोपों से जुड़े इस मामले में जांच विजिलेंस कर रही है।
आरोप है कि पंचकुला निवासी कारोबारी मित्तल ने राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ अपने संबंधों का फायदा उठाकर उद्योगपतियों और अन्य लोगों के लिए काम की एवज में पैसे लिए। जिस मामले की विजिलेंस जांच कर रही है वह साल 2010-11 का है। उस वक्त राज्य में भाजपा की सरकार थी और पी मित्रा राजस्व विभाग के प्रधान सचिव थे। मंगलवार को हुई सुनवाई में मित्रा की ओर से वकील अजय कोचड़ और विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जिला न्यायवादी सुनील वासुदेवा पेश हुए।