नगर निगम का तर्क, रिहायशी इलाकों से दूर बना दीं करोड़ों रुपये की पार्किंग, अब लोग खड़ी नहीं कर रहे गाड़ियां बालूगंज-चक्कर और खलीनी पार्किंग में होगा बदलाव अशोक चौहान
शिमला। राजधानी में पिछले भाजपा शासित नगर निगम के कार्यकाल के दौरान करोड़ों रुपया खर्च कर बनाईं कई पार्किंग में अब कर्मचारी आवास समेत दफ्तर खोले जाएंगे। इनमें कई पार्किंग रिहायशी इलाके से दूर जंगल में बनी हैं तो कुछेक ऐसी हैं जिनमें सड़क न होने से कई मंजिलें खाली पड़ी हैं।
वर्तमान कांग्रेस शासित नगर निगम का तर्क है कि इन पार्किंग में लोग गाड़ियां खड़ी नहीं कर रहे हैं। यह खाली पड़ी हैं। ऐसे में इनमें कर्मचारी आवास, सरकारी दफ्तर और आंगनबाड़ी केंद्र जैसी सुविधाएं देने का फैसला लिया है। बालूगंज चक्कर सड़क पर करीब दो करोड़ रुपये से तैयार की गई बहुमंजिला पार्किंग में सेनेटरी इंस्पेक्टरों की ट्रेनिंग के लिए प्रशिक्षण संस्थान खोला जाएगा। भाजपा शासित निगम ने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब दो करोड़ रुपये से इसका निर्माण करवाया था। यह पार्किंग रिहायशी इलाके से दूर जंगल में बनी है। यहां इक्का-दुक्का लोग ही गाड़ियां पार्क कर रहे हैं।
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अब निगम ने इसका इस्तेमाल बदलने का फैसला लिया है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार टॉप फ्लोर को पार्किंग रखा जाएगा। निचली मंजिलों में प्रशिक्षण संस्थान और इसके दफ्तर बनेंगे। महापौर सुरेंद्र चौहान के निर्देश पर इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अनाडेल वार्ड के अडाविला पार्किंग की निचली मंजिलों में कर्मचारी आवास बनाए जा रहे हैं। निगम के अनुसार निचली मंजिलें सड़क से नहीं जुड़ी हैं। इसीलिए इसे आवास के तौर पर तैयार किया जाएगा।
इन पार्किंग का भी बदला जा रहा इस्तेमाल
लोअर खलीनी में बनी पार्किंग की दो मंजिलें भी पुलिस पोस्ट, पशुपालन विभाग के दफ्तर के लिए दे दी हैं। अब एक और मंजिल में दफ्तर खोलने की तैयारी है। इसमें दो मंजिलें सड़क से नहीं जुड़ी हैं। पिलर भी पार्किंग में आड़े आ रहे हैं। झंझीड़ी में बनी पार्किंग में आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का फैसला लिया है। स्थानीय पार्षद चमन प्रकाश के अनुसार तीन बार इसके टेंडर किए लेकिन किसी ने गाड़ी खड़ी करने के लिए आवेदन नहीं किया। संजौली के ढींगूधार के पास बनी पार्किंग में भी कुछ जगह कर्मचारी आवास तैयार किए जा रहे हैं। जीवणू काॅलोनी पार्किंग का कुछ हिस्सा भी दफ्तर के लिए दिया है। शहर के कई और पार्किंग के इस्तेमाल को लेकर भी योजना चल रही है। नगर निगम का कहना है कि जिन पार्किंग में लोग बार बार कहने पर भी गाड़ियां खड़ी नहीं कर रहे हैं, उनके इस्तेमाल को बदला जा रहा है। इनमें दूसरी सुविधाएं लोगों को दी जाएंगी। इससे निगम को भी कमाई होगी।
पार्किंग का करेंगे बेहतर इस्तेमाल
शहर में कई पार्किंग जंगलों में बना दी गई थी जिनमें लोग गाड़ियां खड़ी नहीं कर रहे। इनसे निगम को भी कोई कमाई नहीं हो रही। इसलिए इनकी समीक्षा की है। बालूगंज में प्रशिक्षण संस्थान खोला जाएगा। अडाविला और ढींगूधार पार्किंग में कुछ आवास तैयार होंगे। -सुरेंद्र चौहान, महापौर नगर निगम शिमला