पैराग्लाइडिंग के पायलटों के लिए स्वर्ग कही जाने वाली बीड़ बिलिंग घाटी में एक सप्ताह की रोक के बाद बुधवार को फिर एक बार नियमित उड़ानों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेशों के तहत जिलाधीश ने धर्मशाला में भारत और न्यूजीलैंड के मध्य हुए वन डे मैच में सुरक्षा कारणों को लेकर 18 अक्तूबर तक घाटी में पैराग्लाइडिंग पर रोक लगाने के आदेश दिए थे।
अब रोक के हटने के बाद बुधवार को फिर से बिलिंग का नीला आकाश रंग-बिरंगे मानव रूपी परिंदों से सराबोर नजर आएगा। वर्तमान में एक दर्जन से अधिक देशों के पांच दर्जन के करीब विदेशी पायलट बीड़ में दस्तक दे चुके हैं।
इसके अलावा पांच दर्जन से अधिक स्थानीय पायलट भी टैंडम उड़ानों को अंजाम देंगे। उधर, एसडीएम सुनयना शर्मा ने बताया कि सभी पायलटों को आवेदन और तय फीस की अदायगी के बाद उड़ान भरने की अनुमति प्रदान की जाएगी।
इंग्लैंड के पायलट को जान से धोना पड़ा है हाथ
रोक के कारण विदेशी पायलटों ने मंडी जिला के झटींगरी स्थित टेक ऑफ प्वाइंट का रुख कर दिया था। इंग्लैंड का पायलट उड़ान भरते समय पैराग्लाइडर के पूरी तरह से न खुलने के कारण घायल हो गया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी।
स्थानीय पायलटों का कहना है कि धर्मशाला में मैच होने पर पायलटों को लंबी दूरी की उड़ानें न भरने की हिदायतें जारी की जा सकती हैं। उनका कहना है कि फ्लाइंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध का कोई भी औचित्य नहीं है। बिलिंग से धर्मशाला तक का सफर काफी दूर है और विशेषज्ञ पायलट ही धर्मशाला तक पहुंच पाते हैं। उन्होंने सरकार से इसमें छूट देने की मांग उठाई है।