हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग।
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हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के कर्मचारियों को जनवरी की 9 तारीख बीतने के बाद भी वेतन नहीं मिल पाया है। आयोग में करीब 60 कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा आयोग के चेयरमैन और चार अन्य सदस्य भी वेतन और भत्तों से वंचित हैं। इसके पीछे की वजह आयोग की भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने का मामला माना जा रहा है। आयोग में वेतन व अन्य वित्तीय लाभों को जारी करने के लिए आयोग के उप सचिव की पास शक्तियां निहित हैं लेकिन, सरकार ने आयोग के सचिव और उपसचिव को पद से हटा दिया है।
आयोग का कामकाज निलंबित हो चुका है। अतिरिक्त उपायुक्त हमीरपुर जितेंद्र सांजटा को प्रदेश सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग का विशेष सेवा अधिकारी (ओएसडी) नियुक्ति किया है। ओएसडी ने इस बारे में प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखी है। इस बारे में सरकार के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। उधर, भर्ती पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों अजय शर्मा, निखिल आजाद और नीरज कुमार की न्यायिक हिरासत मंगलवार को खत्म हो रही है। अब मंगलवार को विजिलेंस फिर से इन आरोपियों को न्यायालय में पेश करेगी। जबकि, उमा आजाद समेत चार अन्य आरोपी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
विजिलेंस उमा आजाद और दलाल संजीव कुमार की संपत्तियों की जांच में जुटी हुई है। आयोग के सचिव से भी पूछताछ जारी है। वहीं फोरेंसिक साइंस लैब में भेजे उमा आजाद के घर से बरामद लैपटॉप और फोटो कॉपियर, दलाल संजीव कुमार के संस्थान से बरामद हार्ड डिस्क की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। विजिलेंस एफएसएल से इनकी जांच की रिपोर्ट का इंतजार भी कर रही है।उधर, एडीसी हमीरपुर जितेंद्र सांजटा ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग के कर्मचारियों को वेतन को जारी करने की शक्तियां आयोग के उपसचिव के पास हैं। वर्तमान में आयोग सचिव और उपसचिव के दोनों पद खाली हैं। इस बारे में प्रदेश सरकार को चिट्ठी लिखी है, जल्द ही जवाब आने की उम्मीद है।