पेपर लीक मामले में दलाल सोहन सिंह को गुरुवार को जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर से एक मामले में जमानत मिल गई, लेकिन आरोपी के खिलाफ दो अन्य मामले भी दर्ज होने के चलते उसकी रिहाई नहीं हो पाई।
भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में दलाल सोहन सिंह को गुरुवार को जिला सत्र न्यायालय हमीरपुर से एक मामले में जमानत मिल गई, लेकिन आरोपी के खिलाफ दो अन्य मामले भी दर्ज होने के चलते उसकी रिहाई नहीं हो पाई। जिस मामले में न्यायालय ने आरोपी को जमानत प्रदान की है, वह पोस्ट कोड 1003 कंप्यूटर ऑपरेटर और पोस्ट कोड 1036 जूनियर ऑडिटर परीक्षा से जुड़ा हुआ है। एसआईटी ने इस मामले में सोहन सिंह के खिलाफ 28 दिसंबर 2022 को एफआईआर दर्ज की थी और 27 मार्च 2023 को उसे गिरफ्तार किया था।
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इसके बाद एसआईटी ने पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में सोहन सिंह के खिलाफ 11 मार्च 2023 को दूसरी एफआईआर और पोस्ट कोड 962 सचिवालय क्लर्क भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में तीसरी एफआईआर दर्ज की। सोहन सिंह मूलत: ऊना जिले का रहने वाला है और यहां भंग हो चुके कर्मचारी चयन आयोग के समीप ढाबा चलाता था। जहां उसकी पहचान निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद से हुई।
आरोप है कि दलाल सोहन सिंह ने उमा आजाद से पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी भर्ती परीक्षा पेपर हासिल कर पत्नी शैलजा को परीक्षा में पास करवाया। जिसके चलते उसकी पत्नी भी लंबे समय तक पुलिस और न्यायिक हिरासत में रहने के बाद अब जमानत पर रिहा हुई है।उधर, एसपी विजिलेंस राहुल नाथ ने कहा कि दलाल सोहन सिंह को एक मामले में न्यायालय से जमानत मिली है, लेकिन दो अन्य मामलों में उसे जमानत नहीं है। जिसके चलते वह अभी तक न्यायिक हिरासत में ही रहेगा।