पांवटा साहिब-शिलाई नेशनल हाईवे-707 लाल सतौन के समीप कच्ची नामक स्थान पर करीब 10 मीटर नीचे धंस गया है। बीच सड़क में बड़ी दरारें आने के कारण धंसे एचएच पर यातायात सुरक्षित नहीं है। लिहाजा, प्रशासन ने इस सड़क पर यातायात रोक दिया गया है। सड़क के दोनों ओर बैरिकेड लगाए गए हैं।
सड़क धंसने से गिरिपार के सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट गया है। दिनभर इस सड़क पर सैकड़ों वाहनों में आए मुसाफिर फंसे रहे। इन्हें दस किलोमीटर पैदल सफर तय कर सतौन पहुंचना पड़ा। इस दौरान उन्हें गिरि नदी को भी पार करना पड़ा। सिलिंडर और अन्य सामान कंधे पर उठाकर कई मुसाफिरों ने गिरि नदी को पार किया। फिलहाल लोगों को सतौन से श्री रेणुका होते हुए ही शिलाई पहुंचने का एक मात्र विकल्प है।
सड़क में रविवार सुबह पहले दरारें आई। उसके बाद पूरी पहाड़ी दरकने लगी और गिरि नदी के साथ लगती सड़क का लगभग 200 मीटर का हिस्सा करीब दस मीटर नीचे धंस गया। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने से सड़क बनाने का कार्य भी शुरू नहीं किया जा रहा है। इस सड़क के अलावा शिलाई क्षेत्र को जाने के लिए कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है। प्रशासन विकल्प की तलाश कर रहा है।
पूरी पहाड़ी दरकने से सड़क लगभग 10 मीटर नीचे धंस गई हैं। कफोटा डिवीजन में तैनात नेशनल हाईवे लोनिवि के सहायक अभियंता संजीव अग्रवाल ने बताया कि सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस वजह से यातायात बंद किया गया है। 80 के दशक में तत्कालीन परिवहन मंत्री और शिलाई के विधायक गुमान सिंह की गाड़ी भी इसी जगह में सड़क धसने के कारण फंस गई थी।