अगर भवन मालिक पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति सड़क, रास्ता, जल स्रोत, पाइपलाइन, नाला, खेल मैदान समेत अन्य संरचनाओं पर अतिक्रमण करता है तो एनओसी अस्वीकार माना जाएगा। पंचायत सचिव को सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े अभिलेखों की गंभीरता से जांच करनी होगी। जरूरत पड़ने पर पंचायत की ओर से मौके पर क्षेत्र सत्यापन भी किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से मनमानी पर रोक लगेगी और नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी। एनओसी जारी करने से पहले प्रस्ताव ग्राम सभा में आएगा। यहां सर्वसहमति से फैसला लिया जाएगा कि घरेलू निर्माण व व्यावसायिक गतिविधियों के लिए एनओसी जारी करना है या नहीं। यह सेवा केवल ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन प्रदान की जाएगी। आवेदन और प्रमाण पत्र केवल ऑनलाइन ही जारी किए जा सकेंगे।