हिमाचल की 3226 पंचायतों में जमीन की गिफ्ट डीड न होने की वजह से विकास कार्य नहीं रुकेंगे। प्रदेश सरकार ने विकास कार्यों में अड़ंगा लगा रही इस शर्त को हटा दिया है। अब विकास कार्यों में किसी ग्रामीण की जमीन आने पर उनकी ओर से दिए गए शपथ पत्र पर ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
अभी तमाम औपचारिकताएं पूरी होने और बजट के बावजूद गिफ्ट डीड न हो पाने के कारण पंचायतों में विकास कार्य अटक जाते थे। ऐसे सैकड़ों मामले होने के कारण पंचायत प्रतिनिधियों ने यह मामला प्रदेश सरकार से उठाया था। सरकार ने इस शर्त को हटा दिया है। हालांकि, पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क निर्माण के लिए गिफ्ट डीड देनी ही होगी।
ये कार्य होते हैं पंचायतों में
पंचायतों में मनरेगा के तहत सड़क का निर्माण, रास्ते पक्के करना, श्मशानघाट-वर्षाशालिका का निर्माण, निकास नालियां, रेन हार्वेस्टिंग टैंक, कुएं, बावडि़यां और पेयजल स्कीमों के लिए ग्रामीणों की जमीन ली जाती है। काम शुरू होने से पहले जमीन पंचायती राज विभाग के नाम करनी होती थी। इसके लिए गिफ्ट डीड की शर्त रखी गई थी। गिफ्ट डीड न होने के कारण कई काम लटक जाते थे।
पंचायतों में विकास कार्यों के लिए अब लोगों को जमीन विभाग के नाम करने की जरूरत नहीं होगी। शपथपत्र देकर ही अब काम चल जाएगा। इसमें उक्त व्यक्ति के जमीन से पाइप ले जाने, रास्ता निकालने या अन्य निर्माण में कोई आपत्ति नहीं है, लिखकर देना होगा। -अनिल शर्मा, पंचायती राज मंत्री