जिला परिषद में कार्यरत कर्मचारियों को पंचायती राज विभाग या ग्रामीण विकास विभाग में मर्ज न किया गया तो प्रदेश भर में आंदोलन होगा। विभाग के ढुलमुल रवैये के कारण इन कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
पंचायत तकनीकी सहायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष भुवनेश कुमार शर्मा ने बताया कि 20 सालों से जिला परिषद में तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव, जेई वर्ग के कर्मचारी कार्यरत हैं, जिन्हें विभागों में मर्ज करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। लेकिन इसे हर बार नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अपनी इसी मांग को लेकर बुधवार को संघ पदाधिकारी पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके अलावा वीरवार को पंचायती राज सचिव हिमाचल प्रदेश को अपनी मांगों से अवगत करवाएगा।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वाटरशैड के जो कर्मचारी जिप कर्मियों के दायरे में लाए जाने थे, उन्हें सीधे ग्रामीण विकास विभाग में शामिल कर दिया गया है, जबकि जिला परिषद कर्मियों की ओर ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिला परिषद के तहत कर्मियों को ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में शामिल किया जाए। सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानी तो आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 10 वर्ष से कार्यरत 200 के लगभग तकनीकी सहायक छह माह से रेगुलर स्केल का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन 200 के लगभग तकनीकी सहायकों को एक जनवरी, 2019 से रेगुलर स्केल दिया जाना था, लेकिन बार-बार मांग उठाने के बावजूद अभी तक उसका भुगतान संबंधित वर्ग को नहीं किया गया है।
इसकी वजह से इस वर्ग को 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस वर्ग को रेगुलर स्केल देने व जिप के तहत कार्यरत कर्मियों को पंचायती राज या ग्रामीण विकास विभाग में मर्ज करने की मांग की है।