इसमें निर्णय लिया कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण को खत्म करने के लिए पंचायत में जो भी बच्चा पैदा होगा, उसका नाम पंचायत रजिस्टर में तभी दर्ज किया जाएगा जब परिवार बच्चे के नाम पर एक पौधा लगाएगा।
उसकी रिपोर्ट पंचायत में आएगी तो तुरंत शिशु का नाम दर्ज कर दिया जाएगा। हालांकि, यह निर्णय लोगों पर जबरन थोपा नहीं जाएगा, इसमें लोगों से सहयोग मांगा जाएगा और उन्हें जागरूक किया जाएगा।
हिमाचल के सबसे ज्यादा प्रदूषित आठ शहरों में तीन सोलन जिले में हैं
एनजीटी ने हिमाचल के सोलन जिला के बद्दी, नालागढ़, परवाणू, कांगड़ा जिला के डमटाल, सिरमौर के कालाअंब, पांवटा साहिब, मंडी के सुंदरनगर व ऊना जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में रखा है। ऐसे में पर्यावरण को बचाने के लिए छेड़ी मुहिम की सराहना होने लगी हैं।