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पंचायत ने पर्यावरण बचाने को लिया अनोखा फैसला, नवजात के जन्म पर पौधा रोपने पर ही दर्ज होगा नाम

Mon, 08 Jul 2019 12:59 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बद्दी (सोलन)
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश के जिला सोलन के औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी की भटोलीकलां पंचायत ने पर्यावरण बचाने के लिए अनोखा फैसला लिया है। विशेष ग्रामसभा में निर्णय लिया कि बच्चे के जन्म के बाद परिवार के सदस्यों को एक पौधा रोपना होगा। वार्ड सदस्य रोपे पौधे का मुआयना करेंगे और उसी के बाद ही पंचायत के रजिस्टर में बच्चे का नाम दर्ज होगा। जो लोग समय पर पौधा नहीं रोपेंगे उन्हें इसके लिए प्रेरित भी किया जाएगा। दावा किया जा रहा है कि ऐसा निर्णय लेने वाली देश की पहली पंचायत है। 

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सोलन जिले में सूबे के सबसे ज्यादा उद्योग हैं। ग्राम पंचायत भटोलीकलां के अंतर्गत झाड़माजरी औद्योगिक क्षेत्र आता हैं। इसी के चलते यहां प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। लोगों को पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण के प्रति जागरूक करने के लिए पंचायत ने सराहनीय फैसला लिया है। महिला पंचायत प्रधान सोनू देवी ने बताया कि बीपीएल परिवारों को लेकर ग्रामसभा रखी थी।

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इसमें निर्णय लिया कि पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण को खत्म करने के लिए पंचायत में जो भी बच्चा पैदा होगा, उसका नाम पंचायत रजिस्टर में तभी दर्ज किया जाएगा जब परिवार बच्चे के नाम पर एक पौधा लगाएगा।

उसकी रिपोर्ट पंचायत में आएगी तो तुरंत शिशु का नाम दर्ज कर दिया जाएगा। हालांकि, यह निर्णय लोगों पर जबरन थोपा नहीं जाएगा, इसमें लोगों से सहयोग मांगा जाएगा और उन्हें जागरूक किया जाएगा। 

हिमाचल के सबसे ज्यादा प्रदूषित आठ शहरों में तीन सोलन जिले में हैं 
एनजीटी ने हिमाचल के सोलन जिला के बद्दी, नालागढ़, परवाणू, कांगड़ा जिला के डमटाल, सिरमौर के कालाअंब, पांवटा साहिब, मंडी के सुंदरनगर व ऊना जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में रखा है। ऐसे में पर्यावरण को बचाने के लिए छेड़ी मुहिम की सराहना होने लगी हैं।
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