हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की नामांकन वापसी के दिन सोमवार को हजारों दावेदारों ने चुनाव मैदान छोड़ दिया है। कई दावेदारों ने अनेक प्रत्याशियों के समर्थन में भी मैदान छोड़ा। पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह भी बांटे गए। कई उम्मीदवारों को निर्विरोध चुना गया।
पंचायत चुनाव के मद्देनजर हजारों दावेदारों ने 21 नवंबर को चुनाव का मैदान छोड़ दिया। हजारों दावेदारों ने जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्यों के पदों से अपनी दावेदारी छोड़ दी। मान-मनौव्वल के दौर के बाद कई दावेदार अपने नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया में जुटे रहे।
नामांकन वापसी का दौर 10 से तीन बजे के बीच चला। बाद में उम्मीदवारों की अंतिम सूचियों को संबंधित कार्यालयों के बाहर प्रदर्शित कर दिया है। ये चुनाव ग्राम पंचायत के प्रधानों, उपप्रधानों, वार्ड सदस्यों के पदों के अतिरिक्त जिला परिषदों और पंचायत समिति के सदस्यों के पदों के लिए हो रहे हैं। 15, 16 और 17 दिसंबर को नामांकन भरे गए।
इनकी स्क्रूटिनी 18 दिसंबर को हुई। अब 21 दिसंबर को नामांकन वापसी होगी। पहले चरण का मतदान एक जनवरी, दूसरे चरण का तीन जनवरी और तीसरे चरण का पांच जनवरी को होगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव डा. अश्वनी कुमार शर्मा ने कहा कि आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं।
किस जिले में कितने प्रत्याशियों ने वापस लिए नाम- कुल्लू में जिप के नौ, बिलासपुर में बीडीसी के 31 उम्मीदवारों ने सोमवार को नाम लिए वापस, जिला परिषद में 89 उम्मीदवारों में से 11 ने नाम वापस लिए हैं। चंबा में जिला परिषद के 14 उम्मीदवारों ने मैदान छोड़ा है।
यहां बीडीसी के 42 प्रत्याशी बैठ गए हैं। किन्नौर जिले की 45 बीडीसी सीटों के लिए 144 ने नामांकन भरा था। इनमें से 45 उम्मीदवारों ने सोमवार को नामांकन वापस ले लिया। जिला परिषद की दस सीटों के लिए 37 उम्मीदवारों ने नामांकन भरा था।
इनमें से नौ ने नाम वापस ले लिया। ऊना में जिला परिषद के 12 और बीडीसी के 80 प्रत्याशी बाहर हो गए हैं। हमीरपुर में जिप के 26 और बीडीसी के 42 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया है।