महमूदा मामले में पाकिस्तान से फाइनल रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि महमूदा पाकिस्तानी नहीं हो सकती है। पाकिस्तानी सीआईडी की लंबी तफ्तीश के बाद अब वहां की राज्य सरकार ने भारत में अपने उच्चायोग को इस मामले में अपनी अंतिम रिपोर्ट भी पेश कर दी है।
न तो पाकिस्तान के गुजरात जिले में कोई नूराना मुहल्ला मिला है और न ही महमूदा का कोई रिकार्ड ही उसके पाकिस्तानी होने की बात को साबित कर रहा है। ये जानकारी देते हुए पाकिस्तान उच्चायोग नई दिल्ली के कानूनी सलाहकार अब्दुल रहमान ने कहा है कि महमूदा पाकिस्तान की मूल निवासी इसलिए नहीं हो सकती हैं, क्योंकि उसके बारे में भेजे गए सभी सबूतों से पाकिस्तान में कहीं भी कोई मेल नहीं हो पाया है।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले शिमला में महमूदा उर्फ ममता का ये मामला स्वयंसेवी संस्था उमंग फाउंडेशन शिमला के अध्यक्ष अजय श्रीवास्तव ने सामने लाया था। श्रीवास्तव ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया था कि महमूदा उर्फ ममता खुद को पाकिस्तान के गुजरात जिले का निवासी बता रही थीं।
वह नारी सेवा सदन मशोबरा में रहती हैं। ये दावा अब गलत निकला है। पाकिस्तान उच्चायोग ने महमूदा के वॉयस सैंपल, फोटो, वीडियो, उसके द्वारा बताया गया नाम-पता भी पाकिस्तान भेजा था। इस पर पाकिस्तान सीआईडी ने जांच बैठाई थी।