सूबे की एक जेल के अधिकारी को महिलाओं को पीरियड के दौरान होने वाली परेशानियों से इतनी कोफ्त हुई कि उसने जेल में ही सेनेटरी नैपकिन तैयार करने की ठान ली। स्थानीय लोगों की मदद से पैड बनाने की एक मशीन खरीदी। इसकी मदद से महिला बंदियों की परेशानियां काफी हद तक कम कर दीं। जेल की बंदियों की परेशानी खत्म करने के बाद अब पैड मैन अन्य जेल और आम महिलाओं को भी सेनेटरी नैपकिन मुहैया कराने की तैयारी में है।
नाहन की मॉडर्न सेंट्रल जेल में तैनात जेल सुपरिंटेंडेंट जय गोपाल लोदटा लंबे समय से पीरियड के दौरान महिला बंदियों को होने वाली संक्रमण और अन्य तरह की बीमारियों से जूझ रहे थे। ज्यादातर महिला बंदी पैड की बजाय सूती कपड़े का इस्तेमाल करती थीं।
इस वजह से अकसर कोई न कोई महिला बीमार रहती थी। इस पर लोदटा ने पहले जेल में सेनेटरी नैपकिन लाने की छूट दी, लेकिन आर्थिक रूप से अक्षम होने के चलते जब महिलाएं परेशानी से जूझती रहीं तो लोदटा ने अपने स्तर से इस समस्या को खत्म करने का बीड़ा उठाया। नाहन के कुछ समाजसेवियों से संपर्क किया और उनसे मिले चंदे से पैड बनाने वाली मशीन खरीदकर जेल में ही पैड बनाना शुरू किया। लोदटा के मुताबिक फिलहाल इस मशीन से तैयार हो रहे पैड नाहन सेंट्रल जेल में महिला बंदियों को मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन्हें अन्य जेलों में महिला बंदियों को भी उपलब्ध कराया जाएगा।