अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में जनगणना के काम से बच रहे कर्मचारियों की नगर निगम अब मेडिकल बोर्ड के सामने स्वास्थ्य जांच करवाएगा। बीमार होने का तर्क देने वाले इन कर्मचारियों की सेहत ठीक है या नहीं, इसकी अब डॉक्टर जांच करेंगे और रिपोर्ट देंगे। शहर में 15 जून जनगणना का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए अलग अलग टीमें वार्डाें में जाकर लोगों से सवाल पूछ रही है। निगम प्रशासन के अनुसार 20 से ज्यादा कर्मचारी ऐसे हैं जो अभी तक फील्ड में नहीं गए हैं। इन्होंने ड्यूटी पर न जाने के लिए आवेदन दिया है। इसमें बीमार होने का तर्क दिया गया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि वे इस स्थिति में नहीं है कि पैदल वार्डाें में जाकर जनगणना कर सकें। निगम प्रशासन ने इन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में अभी तक सिर्फ एक कर्मचारी ने मेडिकल प्रमाण पत्र दिया है। बाकी कर्मचारी भी मेडिकल प्रमाण पत्र देने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन निगम प्रशासन अब सभी की मेडिकल बोर्ड बनाकर स्वास्थ्य जांच करवाने जा रहा है। इसमें कर्मचारियों के स्वास्थ्य का पूरा इतिहास चेक किया जाएगा। लापरवाही सामने आने पर कर्मचारियों पर सख्ती हो सकती है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि मेडिकल बोर्ड के जरिये सभी कर्मचारियों की सेहत जांची जाएगी।
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आधा दर्जन कर्मचारियों को नोटिस
जनगणना ड्यूटी में छह कर्मचारी ऐसे भी मिले हैं जो किट लेकर ही गायब हैं। ये अभी तक काम के लिए फील्ड में नहीं उतरे हैं। निगम ने इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनके खिलाफ केस दर्ज करवाने की भी तैयारी है। नगर निगम के अनुसार जनगणना के काम में लापरवाही साबित होने पर तीन साल तक की सजा का भी प्रावधान है।