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शिमला: विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस से भिड़े आउटसोर्स कर्मी, चौड़ा मैदान में उग्र प्रदर्शन

Wed, 09 Mar 2022 06:36 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

प्रदेश भर से पहुंचे सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों ने पंचायत भवन से टनल 103 होते हुए रोष रैली निकाली। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए डेढ़ घंटा पहले ही पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त कर लिए थे। 
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आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नियमित करने समेत अन्य मांगों के लिए बुधवार को आउटसोर्स कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव के दौरान चौड़ा मैदान में उग्र प्रदर्शन किया। कर्मचारी यूनियन (सीटू) के विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारी पुलिस के साथ भिड़ गए। प्रदर्शनकारियों में महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। कर्मियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए, स्थिति तनावपूर्ण होती देख दोपहर करीब सवा एक बजे एसडीएम शिमला ग्रामीण बीआर शर्मा ने प्रदर्शनकारियों को बल प्रयोग की चेतावनी दी। 

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इससे पहले प्रदेश भर से पहुंचे सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों ने पंचायत भवन से टनल 103 होते हुए रोष रैली निकाली। इस दौरान सड़क पर लंबा जाम लग गया। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए डेढ़ घंटा पहले ही पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त कर लिए थे। पुलिस अधीक्षक शिमला खुद मोर्चे पर डटी थीं। प्रदर्शन के दौरान यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला और मांग पत्र सौंपा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि आउटसोर्स कर्मियों के लिए शीघ्र ही नीति बनाने का रास्ता साफ  होगा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों को सीटू राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम, यूनियन अध्यक्ष वीरेंद्र लाल, महासचिव दलीप सिंह सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया। 

नियमित करने और अन्य मांगें पूरी करने के लिए नीति न बनाई तो दोबारा बोलेंगे हल्ला
आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन (सीटू) के प्रदेशाध्यक्ष वीरेंद्र लाल शर्मा ने सरकार को चेताया कि तुरंत नियमित करने और अन्य मांगों के लिए नीति न बनी तो मानसून सत्र में हजारों आउटसोर्स कर्मी विधानसभा पर दोबारा हल्ला बोलेंगे। उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को नियमित कर्मचारी घोषित करने, प्रतिमाह 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय अनुसार समान काम का समान वेतन देने, फि क्स टर्म रोजगार व लेबर कोड को निरस्त करने, छुट्टियों, ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, पेंशन व ओवरटाइम वेतन देने, वेतन से जीएसटी कटौती बंद करने, नौकरी से निकाले 108, 102 कर्मियों को बहाल करने की मांग की।
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डेढ़ घंटे पहले ही सतर्क हो गई पुलिस
11:30 बजे विधानसभा चौक के नए रेन शेल्टर से आम लोगों को बाहर निकाल दिया गया। 12:00 बजे विधानसभा के नीचे रेलवे स्टेशन के निकास द्वार के पास प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रस्सी की मदद से बैरिकेड को बांध कर सुरक्षा घेरा बनाया गया। 12:35 पर स्टेशन के निकास द्वार के पास क्यूआरटी तैनात कर दी गई। प्रदर्शनकारियों के यहां पहुंचने पर आरटीओ से ओल्ड बस स्टैंड तक ट्रैफिक जाम हो गया। 12:44 पर चौड़ा मैदान के पास बालूगंज, विधानसभा चौक सड़क को बैरिकेड से बंद कर दिया। एक बजे पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हो गई।

फिर गूंजा ‘जोइया मामा मानदा नहीं, कर्मचारी री शुणदा नेईं’ 
एनपीएस कर्मचारी संघ के बाद आउटसोर्स कर्मियों ने भी पहाड़ी बोली में जोइया मामा मानदा नहीं नारा लगाया। कर्मी बोले- जोइया मामा मानदा नहीं, कर्मचारी री शुणदा नेईं। विधानसभा से वाकआउट करते हुए कांग्रेसी विधायकों ने भी यह नारा लगाया था। 

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