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Himachal: आठवीं कक्षा तक दाखिले के लिए जन्मतिथि का मूल प्रमाणपत्र जरूरी नहीं

Thu, 25 Apr 2024 09:02 PM IST
अंकेश डोगरा संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना

सार

हिमाचल प्रदेश में अब कक्षा पहली से आठवीं तक यदि कोई बच्चा दाखिले के लिए आता है, तो उससे जन्मतिथि का मूल प्रमाणपत्र लेना जरूरी नहीं है। विभाग के आदेश अनुसार की एक घोषणा पत्र फार्म जो स्कूलों में उपलब्ध होता है, उसे भरकर विद्यालय के मुखिया को सौंप सकते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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शिक्षा का अधिकार कानून की पालना करते हुए कक्षा पहली से आठवीं तक यदि कोई बच्चा दाखिले के लिए आता है, तो उससे जन्मतिथि का मूल प्रमाणपत्र लेना जरूरी नहीं है। शिक्षा के अधिकार के तहत शिक्षक बच्चे की आयु के अनुसार उसे कक्षा में दाखिल करेंगे। वहीं, आयु के संबंध में बच्चे के अभिभावक जानकारी देंगे।

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कोई बच्चा सात साल का है, तो वह दूसरी में, 8 वर्ष का तीसरी में, 9 वर्ष का चौथी में और 10 वर्ष का पांचवीं में दाखिल करना होगा। जन्मतिथि प्रमाणपत्र की समस्या स्थानीय लोगों को तो नहीं आती, जो बाहर के राज्यों के प्रवासी मजदूर हैं, उन्हें इस समस्या से जूझना पड़ता है। विभाग के आदेश अनुसार की एक घोषणा पत्र फार्म जो स्कूलों में उपलब्ध होता है, उसे भरकर विद्यालय के मुखिया को सौंप सकते हैं।

घोषणा पत्र में यही भरना है कि जन्मतिथि यह है। शिक्षा का अधिकार के तहत कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ रहे बच्चे को विद्यालय से किसी भी वजह से निकाला भी नहीं जा सकता। पीटीएफ सत्येंद्र मिन्हास का कहना है कि घोषणा पत्र को भरवाकर बच्चों के अभिभावक से लिया जाए और दाखिला किया जाए।
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उधर, शिक्षा उपनिदेशक एलिमेंट्री देवेंद्र चंदेल का कहना है कि शिक्षा का अधिकार केंद्रीय सरकार का कानून है। इसके तहत किसी भी बच्चे को दाखिल करने से इनकार नहीं किया जा सकता।

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