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Shimla News: शहर में सात भवन मालिकों को अवैध निर्माण गिराने के आदेश

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नक्शे के बिना भवनों में बना दी थीं अतिरिक्त मंजिलें, नगर निगम के आयुक्त कोर्ट ने सुनाया फैसला
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तीन भवनों में टूटेंगी एक-एक मंजिलें
विकासनगर के सबसे ज्यादा 4 चार मामले
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में सात भवन मालिकों को अपने भवनों में किए अवैध निर्माण को तुरंत गिराने के आदेश जारी हो गए हैं।
नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री की अदालत ने शनिवार को इन मामलों में सुनवाई पूरी करते हुए बिना अनुमति के किए गए निर्माण कार्य को गिराने के आदेश दिए। इनमें अकेले विकासनगर वार्ड के चार भवन शामिल हैं। यहां दो भवन मालिक तो ऐसे हैं जिन्होंने बिना अनुमति अपने मकान में एक-एक अतिरिक्त मंजिल तैयार कर दी थीं। इसी तरह न्यू टुटू में भी भवन मालिक ने नक्शा पास करवाए बिना गुपचुप भवन में एक और मंजिल बढ़ा दी थी। इन तीनों को इस अतिरिक्त अवैध मंजिल को गिराने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा बाकी इन भवन मालिकों ने बिना अनुमति छज्जों से लेकर एटिक तक का आकार बढ़ा दिया है। इन्हें भी गिराने के आदेश जारी किए हैं।
न्यू शिमला में बने एक बहुमंजिला भवन में भी दो फीट तक बढ़ाए गए छज्जे को तोड़ने के आदेश जारी किए हैं। शहर के टुटीकंडी में भी भवन मालिक को अवैध निर्माण गिराना होगा। आयुक्त कोर्ट में शनिवार को कुल 52 मामलों पर सुनवाई हुई। इनमें से 45 मामलों पर अब अगले शनिवार को सुनवाई होगी। नगर निगम वास्तुकार राजेश शर्मा ने कहा कि आयुक्त कोर्ट के आदेशों के बाद संबंधित भवनमालिकों को जल्द इस बारे में लिखित आदेश भी जारी होंगे।
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मकानों में खोल दी दुकानें-दफ्तर, बंद करने के आदेश
शहर के न्यू शिमला के दो भवन मालिकों को अपने रिहायशी भवनों में बिना अनुमति दुकानें और दफ्तर खोलने पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इन्हें तुरंत अपने भवनों में खोले दुकानें, दफ्तर आदि बंद करने के आदेश जारी किए हैं। ऐसा न करने पर इनका बिजली और पानी का कनेक्शन कट जाएगा। नगर निगम के अनुसार रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां नहीं चलाई जा सकतीं। यदि किसी भवन मालिक को ऐसा करना है तो उसे नगर निगम से पहले चेंज ऑफ लैंड यूज के तहत इसकी मंजूरी लेनी अनिवार्य है। निगम प्रशासन के अनुसार दोनों भवन मालिकों ने ऐसी कोई मंजूरी नहीं ली थी। इससे पहले भी आयुक्त कोर्ट में इस क्षेत्र में कई भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं। कई मामलों पर अभी सुनवाई भी चल रही है।
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