मानसिक प्रताड़ना के लिए देने होंगे 15 हजार
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला का फैसला
रुचि सांख्यान
शिमला। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग शिमला ने वाहन दुर्घटना बीमा क्लेम खारिज करने के मामले में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी ठहराया है।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य निधि शर्मा की खंडपीठ ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह सर्वेयर रिपोर्ट के आधार पर शिकायतकर्ता के क्लेम का निपटारा करे। इसके साथ ही क्लेम राशि पर शिकायत दर्ज करने की तिथि से 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज, मानसिक प्रताड़ना के लिए 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करने का आदेश दिया है। शिमला निवासी शिकायतकर्ता दुर्गा सिंह ठाकुर ने आयोग में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 35 के तहत शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार उनका वाहन ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के पास बीमित था। 25 अगस्त 2019 की रात उनके बेटे अजय ठाकुर कोटि से शिलोन बाग की ओर आ रहे थे। सड़क किनारे कच्ची जगह पर वाहन खड़ा कर ग्राहक का फोन सुनते समय शिलोन की तरफ से गलत दिशा में आए एक ट्रक ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। इससे वाहन 50 मीटर गहरी खाई में गिर गया और अजय ठाकुर भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
बीमा कंपनी ने दावे को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि दुर्घटना के समय चालक शराब के नशे में था जो बीमा पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन है। कंपनी ने पुलिस चालान, एमएलसी और राज्य फॉरेंसिक साइंस लैब की रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें यूरिन सैंपल में अल्कोहल पाए जाने का दावा किया गया था। आयोग ने यह भी पाया कि चालक के ब्लड सैंपल में अल्कोहल की कोई पुष्टि नहीं हुई थी जिससे यह सिद्ध नहीं होता कि उसकी मानसिक क्षमता गाड़ी चलाने के अयोग्य स्तर तक प्रभावित थी।