जिला न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत का फैसला
निचली अदालत के फैसले को आंशिक रूप से रखा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला न्यायाधीश शिमला भुवनेश अवस्थी की अदालत ने अपैक्स भवन समरहिल से जुड़े एक संपत्ति विवाद में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने फ्लैट खरीदार के पार्किंग के कानूनी अधिकार को बरकरार रखते हुए निचली अदालत द्वारा लगाए हर्जाने के आदेश को रद्द कर दिया है।
अपैक्स भवन सांगटी निवासी मीरा देवी ने 8 अक्तूबर 2009 को अपैक्स भवन सांगटी निवासी राजेंद्र कुमार से भवन की दूसरी मंजिल खरीदी थी। सेल डीड की शर्त के अनुसार बेसमेंट के सामने एक गाड़ी की पार्किंग उपलब्ध करवाने का अनुबंध था जिसके एवज में 1.50 लाख रुपये की राशि तय की थी। विक्रेता द्वारा पार्किंग स्थल पर निर्माण सामग्री रख दिए जाने और पार्किंग उपलब्ध न करवाने के कारण मामला अदालत तक पहुंचा था। पूर्व में सिविल जज कोर्ट नंबर-4 शिमला ने मामले में आंशिक डिक्री पारित करते हुए पार्किंग उपलब्ध करवाने के आदेश के साथ 18 हजार रुपये हर्जाना और भविष्य के लिए 500 रुपये प्रतिमाह जुर्माना लगाने का आदेश दिया था। जिला न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी की अदालत ने विक्रेता राजेंद्र कुमार की अपील पर सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले को आंशिक रूप से संशोधित किया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पंजीकृत सेल डीड के मुताबिक खरीदार का बेसमेंट के सामने पार्किंग स्पेस पर कानूनी अधिकार है।
अदालत ने विक्रेता को पार्किंग स्थल पर रखी निर्माण सामग्री हटाने और भविष्य में वहां किसी तरह की बाधा उत्पन्न न करने के आदेश को पूरी तरह बरकरार रखा है। अदालत ने पाया कि पार्किंग तक जाने वाला संपर्क मार्ग (अप्रोच रोड) स्थानीय ग्रामीणों द्वारा क्षतिग्रस्त किया था। इसके लिए अकेले विक्रेता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके अलावा, खरीदार की ओर से वैकल्पिक पार्किंग या वास्तविक वित्तीय नुकसान के संबंध में कोई ठोस सबूत या रसीद पेश नहीं की थी। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने 18 हजार रुपये का हर्जाना और 500 रुपये प्रतिमाह का जुर्माना रद्द कर दिया।