प्रदेश में शिक्षकों का डेपुटेशन अब सिर्फ मुख्यमंत्री के आदेश पर ही होगा। डेपुटेशन करने के लिए शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजेगा। शिक्षकों के डेपुटेशन रद करने पर स्कूलों में शिक्षकों की कमी न हो जाए, इसको ध्यान में रखते हुए विभाग प्रस्ताव तैयार करेगा। मुख्यमंत्री की विधानसभा में घोषणा के बाद विभागीय स्तर पर शिक्षकों का डेपुटेशन करने पर अब पूरी तरह से रोक लग गई है।
विशेष परिस्थितियों में मुख्यमंत्री के अलावा कोई भी अन्य डेपुटेशन को मंजूरी नहीं देगा। विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने अर्की से भाजपा विधायक गोविंद राम शर्मा के सवाल के जवाब में सदन में बताया था कि उनकी अनुमति से डेपुटेशन नहीं हुए हैं। बच्चों की पढ़ाई को किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। डेपुटेशन पर भेजे शिक्षकों को वापस बुलाया जाएगा।