च्चे खेतों या जंगलों में जाकर तलाश रहे मोबाइल सिग्नल
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के खैरा की पंचायत बलूही खैरा में मोबाइल सिग्नल न होने से जहां लोग परेशान हैं, वहीं बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई में भी दिक्कत हो रही है। लिहाजा, स्कूली बच्चे खेतों में यहां-वहां मोबाइल नेटवर्क तलाश रहे हैं, ताकि उनकी पढ़ाई हो सके। लोगों के पास महंगे स्मार्ट फोन तो हैं, लेकिन सिग्नल न होने से शोपीस बन गए हैं। बलूही खैरा पंचायत के डोली गांव में मोबाइल सिग्नल नहीं होने के कारण लोगों व खासकर ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे बच्चों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को पढ़ने के लिए घर से दूर खेत-खलिहानों या जंगल में सिग्नल की तलाश में पढ़ाई करने जाना पड़ रहा है।
बरसात के मौसम में जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है। कई बार बच्चे ऑनलाइन क्लास नहीं लगा पाते। नौवीं के रिशव, छठी के रजत व नैंसी, आठवीं के ईशांत, प्रथम की शानवी व नर्सरी की मानसी व अर्शित ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन क्लास लगाने में दिक्कत आ रही है। इससे तो अच्छा यही है कि स्कूल शुरू हो जाएं। लोगों के पास अधिकतर निजी कंपनी के सिम कार्ड हैं, लेकिन उनकी दिक्कत कम नहीं हुई है। गांव के लोगों में सुभाष, राकेश, राजेश, सुनील, सरोज और रेणु वाला का कहना है कि आस-पड़ोस में कोई बीमार हो जाए तो भी घरों से बाहर जाकर संदेश पहुंचाना पड़ता है। लोगों ने सेवा प्रदाता कंपनी के आला अधिकारियों से सिगनल की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई है।