ऑनलाइन शापिंग का क्रेज राजधानी में बढ़ता जा रहा है। यंगिस्तान बाजार में शापिंग करने के बजाए आनलाइन आर्डर बुक कर रहे हैं। घर और आफिस बैठे मोबाइल फोन और कंप्यूटर से ही खरीदारी हो रही है।
इंटरनेट शापिंग के जरिये युवा कपड़े, जूते, मोबाइल और किताबों सहित कई अन्य सामान खरीद रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर सामान लोगों के घरों में पहुंच रहा है। सामान के पैसे भी बाद में ही चुकाने होते हैं।
आनलाइन शापिंग में भारी डिस्काउंट मिलने के चलते लोग इसको लेकर क्रेजी हैं। शहर के कारोबारियों द्वारा किए एक सर्वे के मुताबिक राजधानी में प्रतिमाह करीब तीन करोड़ रुपये की आनलाइन शापिंग हो रही है।
बाजार की भीड़भाड़ से बचने और युवाओं के किफायती दरों पर घर बैठे खरीददारी के बढ़ते क्रेज से ऑनलाइन रिटेल कंपनियों के कारोबार में तेजी आई है। ऑनलाइन शापिंग करने पर अगर कोई सामान किसी को पसंद नहीं आता है तो उसे लौटाया भी जा सकता है। एक माह के भीतर सामान वापस करने की सुविधा कंपनियां देती हैं।
जबोंग, फ्लिपकार्ट पसंदीदा साइट
ऑनलाइन शापिंग करने के जंबोग और फ्लिपकार्ट वेबसाइट युवाओं की पहली पसंद है। इन वेबसाइट पर भारी डिस्काउंट मिलते हैं। इनके अलावा येपमी, जोबी, स्नैपडील, शापर्स स्टाप, फर्स्ट कराई और ऐमाजान वेबसाइट से भी आनलाइन शापिंग की जा सकती है।
वहीं आनलाइन शापिंग करने पर इंटरनेट पर वैराइटी की भी भरमार है। दुकानों पर जहां किसी सामान के दो से चार रंग मिलते हैं वहीं इंटरनेट पर हर तरह के रंग का सामान उपलब्ध है।
व्यापारी हैं मायूस
शिमला व्यापार मंडल के प्रधान इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आनलाइन शापिंग के चलते स्थानीय कारोबारियों को बड़ा झटका लगा है। बाजार में खरीदारी को आने वाले युवाओं की संख्या कम हो रही है।