पुरानी टेंडर प्रक्रिया में बड़ी समस्या यही थी कि डेढ़ लाख रुपये से अधिक के बड़े कामों के लिए ठेकेदार आगे नहीं आते थे। इस कारण से पंचायतों के डेढ़ लाख से अधिक के काम के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य की है।
पंचायतों में केंद्रीय योजनाओं के काम समय पर शुरू नहीं हो रहे और न ही टेंडर के लिए ठेकेदार आगे आ रहे हैं। इस कारण से निर्माण कार्य बाधित हो रहे हैं। अब सरकार पंचायतों के कामों को लेकर ई- टेंडर अनिवार्य कर रही है। - वीरेंद्र कंवर, पंचायती राज मंत्री