पिछले पांच महीनों से बंद छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी को श्रद्धालुओं के लिए खोलने की मंदिर ट्रस्ट ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग करवानी होगी। इसके बाद 20-20 श्रद्धालुओं का समूह बनाकर मंदिर में दर्शन के लिए भेजा जाएगा। एक दिन में करीब 1000 से 1200 श्रद्धालु माता के दर्शन कर सकेंगे।
दो दिन पूर्व चिंतपूर्णी मंदिर खोलने को लेकर उपायुक्त संदीप कुमार की अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। शनिवार को चिंतपूर्णी सदन में मंदिर अधिकारी ओपी लखनपाल मां के दर्शन को लेकर व्यवस्था बनाने एवं स्थिति का जायजा लेने पहुंचे। गौर हो कि प्रदेश सरकार ने भी पहली सितंबर से मंदिरों के कपाट खोलने के निर्देश दे दिए हैं।
मंदिर अधिकारी ओपी लखनपाल ने बताया कि चिंतपूर्णी मंदिर में मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को ऑनलाइन बुकिंग करवानी होगी। उसके बाद ही भक्तों को मंदिर जाने की अनुमति होगी। ऑनलाइन पंजीकरण में बाकायदा श्रद्धालु की फोटो अंकित होगी। मंदिर अधिकारी ने बताया कि डीसी ऊना के आदेशों के बाद एक दिन में 1000 से 1200 श्रद्धालु ही मंदिर में माथा टेकने जा सकेंगे।
पहले 20 की संख्या में श्रद्धालुओं का ग्रुप मंदिर भेजा जाएगा, जब ये श्रद्धालु मंदिर माथा टेककर लौटेंगे तो अगला ग्रुप भेजा जाएगा। माता के दर्शन करने वालों को पहले चिंतपूर्णी सदन में आना होगा। यहां उनकी थर्मल स्क्रीनिंग होगी और सैनिटाइज किया जाएगा।
पूरी मेडिकल प्रक्रिया के बाद श्रद्धालुओं को माता रानी के दर्शनों को भेजा जाएगा। मंदिर में प्रसाद और कोई भी चीज चढ़ाने पर पाबंदी रहेगी। श्रद्धालु दानपात्र या ऑनलाइन चढ़ावा चढ़ाएंगे। मंदिर खोलने से एक दिन पहले डेमो किया जाएगा और सारी व्यवस्था का निरीक्षण एडीसी व एसडीएम अंब खुद करेंगे।