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आढ़तियों के पास फंसे बागवानों के एक हजार करोड़ रुपये

Sat, 14 Jul 2018 12:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सेब राज्य हिमाचल के बागवान आढ़तियों के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। सीजन शुरू होते ही मंडियों में करोड़ों का सेब उधार में बिक रहा है। आढ़ती बागवानों को सेब खरीद के दौरान छोटी पेमेंट कर देते हैं, लेकिन उसके बाद अर्से तक बकाया राशि नहीं मिल रही है। ऐसे में बागवान एक ही आढ़ती के पास फसल बेचने को मजबूर हैं।

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कई बागवानों का पैसा वर्षों से अटका है। अनुमान के अनुसार प्रदेश के बागवानों के करीब एक हजार करोड़ रुपये आढ़तियों के पास फंस गए हैं। सालभर मेहनत करने के बावजूद बागवानों को फसल का पैसा नहीं मिल रहा है। हिमाचल में अभी भी उधारी पर सेब कारोबार चल रहा है।

मंडियों के अतिरिक्त सड़कों पर भी व्यापारी फसल की बोली लगाते हैं। एक तो बागवानों को पैसा कम मिल रहा दूसरा उनकी मोटी रकम फंस गई है। बहुत कम आढ़ती हैं जो एक हफ्ते के भीतर बागवानों को पूरा भुगतान कर देते हैं। कुछ ऐसे आढ़ती हैं जो 4 से 6 महीने बाद फसल का भुगतान कर रहे हैं। कई आढ़ती बागवानों के सालों से पैसा फंसाए हुए हैं। जीएसटी के नाम पर भी बागवानों को लूटा जा रहा है।

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आढ़तियों की 10 करोड़ धरोहर राशि रखे सरकार

शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में फसल बेचने आए कोटखाई के बागवान विकास चौहान, मुनीश चौहान और दीपक धांटा ने बताया कि फसल बेचने के बाद आढ़ती पेमेंट रोक देते हैं। पर्ची बनाकर थोड़ा - बहुत भुगतान किया जाता है। भट्ठाकुफर फल मंडी के अध्यक्ष हरीश ठाकुर का कहना है कि सड़कों पर सेब कारोबार पूरी तरह बंद होना चाहिए। सरकार को बागवानों का पैसा निकलवाने में सहयोग करना चाहिए।

विधायक एवं किसान सभा के अध्यक्ष राकेश सिंघा का कहना है कि बागवानों से ठगी रोकने के लिए प्रदेश सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। मंडियों और सड़क पर सेब कारोबार करने वाले आढ़तियों के लिए सरकार को एपीएमसी एक्ट के तहत कम से कम 10 करोड़ रुपये धरोहर राशि सरकार के पास रखना अनिवार्य किया जाए।

इससे धोखाधड़ी की स्थिति में बागवान को आढ़ती की धरोहर राशि से पैसे का भुगतान हो सकेगा। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि बागवानों के साथ हो रही ठगी का मामला कैबिनेट में भी चर्चा के लिए लाया गया। भाजपा सरकार इस मामले पर गंभीर है। केवल पंजीकृत आढ़तियों को ही बागवान सेब बेचें।
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