शिमला की भट्ठाकुफर फल मंडी में फसल बेचने आए कोटखाई के बागवान विकास चौहान, मुनीश चौहान और दीपक धांटा ने बताया कि फसल बेचने के बाद आढ़ती पेमेंट रोक देते हैं। पर्ची बनाकर थोड़ा - बहुत भुगतान किया जाता है। भट्ठाकुफर फल मंडी के अध्यक्ष हरीश ठाकुर का कहना है कि सड़कों पर सेब कारोबार पूरी तरह बंद होना चाहिए। सरकार को बागवानों का पैसा निकलवाने में सहयोग करना चाहिए।
विधायक एवं किसान सभा के अध्यक्ष राकेश सिंघा का कहना है कि बागवानों से ठगी रोकने के लिए प्रदेश सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए। मंडियों और सड़क पर सेब कारोबार करने वाले आढ़तियों के लिए सरकार को एपीएमसी एक्ट के तहत कम से कम 10 करोड़ रुपये धरोहर राशि सरकार के पास रखना अनिवार्य किया जाए।
इससे धोखाधड़ी की स्थिति में बागवान को आढ़ती की धरोहर राशि से पैसे का भुगतान हो सकेगा। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि बागवानों के साथ हो रही ठगी का मामला कैबिनेट में भी चर्चा के लिए लाया गया। भाजपा सरकार इस मामले पर गंभीर है। केवल पंजीकृत आढ़तियों को ही बागवान सेब बेचें।