राज्य बिजली बोर्ड में आउटसोर्सिंग पर नियुक्त 2500 से अधिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मियों और चालकों को एक माह का सेवा विस्तार दिया गया है। बिजली बोर्ड प्रबंधन ने 30 सितंबर को समाप्त हुए करार को लगातार दूसरे माह बढ़ा दिया है।
बोर्ड ने 31 दिसंबर तक आउटसोर्सिंग पर लगे कर्मियों का सेवाकाल बढ़ा दिया है। नई कंपनी को आउटसोर्स कर्मियों का ठेका देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। बोर्ड प्रबंधन ने अब दक्षता के आधार पर कर्मियों की भर्ती करने का फैसला लिया है।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान बिजली बोर्ड में करीब 2500 कर्मियों को आउटसोर्सिंग पर नियुक्त किया गया था। 30 सितंबर को इनका करार समाप्त हो गया है। नई व्यवस्था होने तक सरकार ने आउटसोर्स कर्मियों का सेवाकाल पहले 31 अक्तूबर फिर 30 नवंबर तक बढ़ाया।
अब एक और माह तक सेवाकाल बढ़ा दिया है। नई भर्ती के तहत जयराम सरकार ने आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मियों को उनकी दक्षता के आधार पर नौकरी देने का फैसला लिया है। ऐसे में जो कर्मी अपने कार्य में दक्ष नहीं होंगे, उनकी बोर्ड से छुट्टी कर दी जाएगी।
बीते दिनों राज्य बिजली बोर्ड की समीक्षा बैठक में आउटसोर्स कर्मियों की काबिलियत जांचने के बाद ही आगामी करार करने का फैसला लिया गया है। नई आउटसोर्स एजेंसी के लिए सरकार ने टेंडर आमंत्रित किए हैं। संभावित है कि 31 दिसंबर से पहले नई कंपनी का चयन कर लिया जाएगा।
बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि आउटसोर्सिंग पर रखे जाने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले उनकी दक्षता की समीक्षा की जाएगी। तकनीकी तौर पर दक्षता रखने वाले कर्मचारियों को ही नौकरी जारी रखने का मौका मिलेगा।