इस पर मंत्री बोले, बीपीएल सूची से उन एक लाख परिवारों को बाहर किया जाना है, जो पिछले बीस साल से सूची में हैं। इनके जीवन स्तर में सुधार आया है। ऐसे संपन्न लोगों के बदले नए एक लाख परिवार सूची में शामिल किए जाएंगे।
ऐसे बीपीएल लोगों को 50 दिन की दिहाड़ी मनरेगा में दी जाएगी। ऐसे गरीबों को स्वरोजगार के लिए ग्रामीण कौशल विकास प्रशिक्षण देंगे। बीपीएल परिवारों के स्वयं सहायता समूह भी बनाए जाएंगे।
छह अप्रैल, 2008 में 15659 बीपीएल परिवार सूची से बाहर हुए थे। नए 15331 परिवारों को सूची में शामिल किया। 2011 में 31209 परिवार बाहर निकाले और 30970 सूची में रखे गए।
पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि 2 अक्तूबर की ग्रामसभा में एक लाख गरीबों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने का प्रयास किया जाएगा। सरकार गाय-बकरी खरीदने और मुर्गी पालन के लिए वित्तीय मदद देगी। पंचायतों को लक्ष्य भी दिया जाएगा।