3 किमी तक कम होगा लालपानी का सफर
लालपानी बाइपास को जोड़ेगी यह नई सड़क
विक्ट्री टनल के पास बनेगा यह फ्लाईओवर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के सर्कुलर रोड पर यातायात जाम कम करने के लिए एक और वैकल्पिक सड़क बनेगी। यह नई सड़क सर्कुलर रोड पर होटल होलीडे होम से लालपानी बाइपास तक बनेगी। स्मार्ट सिटी के निदेशक मंडल ने इस सड़क का प्रस्ताव तैयार करने को मंजूरी दे दी है।
मंगलवार को मुख्य सचिव राम सुभग सिंह की अध्यक्षता में हुई स्मार्ट सिटी मिशन के निदेशक मंडल की बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इस प्रोजेक्ट का जिम्मा केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को देने की तैयारी है। होटल होलीडे होम से बाइपास तक बनने वाली सड़क सीपीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनेगी। सड़क के बनने से सर्कुलर रोड से लालपानी बाइपास तक पहुंचने के लिए करीब तीन किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। अभी वाया बैम्लोई ही लालपानी को बाइपास जा सकते हैं। इसमें भी छोटी ही गाड़ियां चलती हैं।
नई सड़क बनने से शहरवासियों को फायदा होगा। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के साथ बैठक करने, इसकी फिजिबिलिटी देखने और प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। निदेशक मंडल ने विक्ट्री टनल से विधानसभा सड़क तक फ्लाईओवर बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। यह फ्लाईओवर निचली ओर स्थित रेलवे की जमीन पर बनेगा। लोक निर्माण विभाग के अनुसार रेलवे इसके लिए तैयार है। रेलवे को इसके लिए दो करोड़ दिए जाएंगे। प्रोजेक्ट का विस्तृत प्लान बनने पर स्मार्ट सिटी प्रबंधन इसके लिए बजट देगा।
शहरवासियों को राहत, लगेंगी नई स्ट्रीट लाइटें
शहर में अब स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जा सकेंगी। स्मार्ट सिटी से इसके लिए बजट जारी होगा। निदेशक मंडल ने नगर निगम के इस प्रस्ताव पर साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट देने को मंजूरी दी है। इससे शहर में करीब 1500 नई लाइटें लग सकेंगी। निदेशक मंडल ने नगर निगम को सोलर लाइटें लगाने के लिए निर्देश दिए। स्मार्ट सिटी से इसके लिए भी पैसा दिया जाएगा। नगर निगम इसका प्रस्ताव तैयार करे। शहर में नई लाइटों के लिए बीते एक साल से बजट नहीं मिल रहा था। बैठक में मेयर सत्या कौंडल ने इस मामले को उठाया।
सरकारी दफ्तरों पर
लगेंगे सोलर पैनल
शहर में स्थित सरकारी दफ्तरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली पैदा की जाएगी। हिम ऊर्जा के इस प्रस्ताव को भी निदेशक मंडल ने पास कर दिया है। अभी ढाई करोड़ की मंजूरी दी है। इसे बढ़ाया भी जा सकता है। हिम ऊर्जा ने पहले भी कई सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाए हैं जिनसे बिजली पैदा हो रही है। इससे बिजली की खपत कम होगी और सरकारी महकमों को भारी भरकम बिल नहीं चुकाना पड़ेगा।