न्यायिक मजिस्ट्रेट सुस्मिता शर्मा ने सुनाया फैसला, दोषी ने जमीन दिलाने के लिए थे 30 लाख रुपये
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जुर्माना न दिया तो एक महीने की होगी अतिरिक्त कैद संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। अदालत ने चेक बाउंस मामले में उत्तर प्रदेश के तहसील तिलहर निवासी सुमित कुमार को दोषी करार देते हुए डेढ़ साल कैद और 30 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट सुस्मिता शर्मा की अदालत ने आदेश दिया है कि यदि दोषी जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी सुमित ने जमीन की खरीद-फरोख्त के लिए 30 लाख रुपये एडवांस में लिए थे जिसे वह चुकाने में असमर्थ हो गया। दरअसल साल 2012 में टुटू निवासी शिकायतकर्ता दया सिंह ने अपनी संपत्ति बेचने के बाद नई जमीन खरीदने की योजना बनाई थी। इसी दौरान दोषी सुमित ने जमीन की खरीद का प्रस्ताव दिया। 12 जून 2012 को दया सिंह ने पारिवारिक विश्वास के आधार पर 30 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से सुमित के खाते में ट्रांसफर कर दिए। लगभग ढाई वर्ष तक दोषी से सौदे के बारे में बात चलती लेकिन उसने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।
2 जून 2015 को दोषी ने उपरोक्त राशि के भुगतान के लिए शिकायतकर्ता के पक्ष में 30 लाख रुपये की राशि का चेक जारी किया। लेकिन बैंक खाते में अपर्याप्त धनराशि के आधार पर चेक बाउंस हो गया। 15 दिन के कानूनी नोटिस देने के बावजूद भुगतान न होने पर सितंबर 2015 को शिकायतकर्ता ने एनआई एक्ट के तहत न्यायालय के समक्ष केस दायर किया था। दोनों पक्षों की दलीलें और सबूतों पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते अब फैसला सुनाया है।