पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू के खिलाफ एक कारोबारी की ओर से की गई शिकायत पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने कहा है कि अभी यह मामला जांच की स्थिति में है। शिकायतें तो बहुत आती हैं और जो भी आती हैं, उनको लेकर सरकार का हमेशा प्रयास होता है कि उसकी जांच हो। यह मामला भी उसी जांच की स्थिति में ही है। वहीं, कारोबारी और उसके परिवार की ओर से सुरक्षा की मांग के मामले में डीजीपी बोले कि इस बारे में सीआईडी की ओर से असेसमेंट किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय कुंडू के खिलाफ कारोबारी निशांत शर्मा की लिखित शिकायत पर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने गृह सचिव, पुलिस अधीक्षक शिमला को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं। वहीं, डीजीपी पहले ही कारोबारी के खिलाफ मामला दर्ज करवा चुके हैं। पांच नवंबर को उन्हें ई-मेल भेजने वाले कारोबारी पर डीजीपी कुंडू ने बीते दिनों छोटा शिमला थाना में मामला दर्ज करवाया है।
पुलिस को दी शिकायत में कहा गया है कि उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर की मेल उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और सार्वजनिक शरारत के इरादे से की गई है। उन्होंने इसे उनकी छवि को जानबूझकर खराब करने की साजिश करार दिया है और ई-मेल में लगाए आरोपों को आधारहीन बताया है। कारोबारी की ओर से डीजीपी को भेजी ई-मेल का पूरा जिक्र एफआईआर में किया है। 29 अक्तूबर को डीजीपी को उनकी आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक ई-मेल आई। इसमें 25 अगस्त को गुरुग्राम में निशांत शर्मा ने उन पर हुए जानलेवा हमले का जिक्र किया है। इसमें प्रदेश के दो लोगों पर आरोप लगे हैं। यह ई-मेल निशांत शर्मा पुत्र कमलेश कुमार शर्मा निवासी साई गार्डन पालमपुर ने भेजी है। वहीं, कारोबारी ने पुलिस पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाकर राज्य सरकार को लिखित में शिकायत दी है। उन्होंने अपने खिलाफ एफआईआर को गलत ठहराया है और डीजीपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने को भी कहा है। यह भी कि उनकी जान को खतरा है।