प्रदेश सचिवालय में शुक्रवार को भीतर कैबिनेट की बैठक चलती रही, बाहर ओल्ड पेंशन स्कीम के कर्मचारी सुक्खू जिंदाबाद के नारे बुलंद करते रहे। सचिवालय का परिसर सुक्खू जी आए हैं, पुरानी पेंशन लाए हैं.. जैसे नारों से गूंजता रहा। एनपीएस कर्मचारी वाद्य यंत्रों के साथ सचिवालय पहुंचे और परिसर में खूब नाटियां डालीं। कैबिनेट में ओपीएस के एजेंडे को मंजूरी दिए जाने की सूचना मिलने के बाद इन कर्मचारियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को ओल्ड पेंशन स्कीम बहाली का मसीहा कहा।
पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के फैसले का स्वागत किया। दोपहर तीन बजे कैबिनेट की बैठक खत्म होते ही मुख्यमंत्री मंत्रियों के साथ सचिवालय से बाहर आए और उन्होंने कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल की गई है। आज इसकी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों से सहयोग की अपील की। गौर हो कि कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रतिज्ञा पत्र में सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने का वायदा किया था।
13 जनवरी को सरकार की पहली कैबिनेट की सूचना मिलते ही हमीरपुर, सोलन, सिरमौर, शिमला, कांगड़ा आदि जिलों से कर्मचारी सुबह 10 बजे सचिवालय के बाहर जुटने शुरू हो गए। साढ़े 12 बजे कैबिनेट की बैठक शुरू हुई। ओल्ड पेंशन स्कीम संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि एनपीएस कर्मचारी सालों से ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग कर रहे थे, यह मांग आज सुक्खू सरकार ने पूरी की है।
एनपीएस यूनियन हिमाचल में निकालेगी आभार रैली
ओल्ड पेंशन स्कीम बहाल होने पर अब एनपीएस यूनियन हिमाचल में आभार रैली निकालेगी। इसे लेकर कर्मचारी संघ प्रदेश और जिला स्तर पर बैठकें आयोजित करेंगे। इसमें यह निर्णय लिया जाएगा।
पुरानी पेंशन बहाल कर कर्मचारियों के नायक बने सीएम : प्रदीप
हिमाचल प्रदेश न्यू पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाल कर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खूू प्रदेश के कर्मचारियों के नायक बन गए हैं। पूर्व भाजपा सरकार जिस पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को लटकाती रही, उसे वर्तमान कांग्रेस सरकार ने पहली मंत्रिमंडल की बैठक में बहाल कर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों का मन जीत लिया है।
प्रदेश के करीब सवा लाख कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा। इससे कर्मचारियों और उनके परिवार का भविष्य भी सुरक्षित होगा। चालू साल में करीब 3,000 सरकारी कर्मचारी सरकार के फैसले से लाभान्वित होंगे। वर्ष 2015 से प्रदेश के 12,000 कर्मचारी पुरानी पेंशन सुविधा ले पाएंगे। ठाकुर ने कहा कि कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर पूर्व सरकार के सत्ता में रहते कई बार प्रदेश के सांसदों के घरों का घेराव कर चुके हैं।
इसके बाद भी पूर्व सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर चुप्पी साधे रखी थी। कांग्रेस ने अपनी दस गारंटियों में पुरानी पेंशन बहाली को शामिल किया था और कर्मचारी वर्ग ने कांग्रेस पर विश्वास जताया और सत्ता में लाने में मदद की। आज कांग्रेस सरकार ने कर्मचारी हित में फैसला लेकर पुरानी पेंशन बहाल कर दी।
लेई जाणी, लेई जाणी असां पुरानी पेंशन लेई जाणी, मामे जोर बथेरा लाया पर झूमे एनपीएस कर्मचारी
पुरानी पेंशन के लिए लड़ रहे एनपीएस कर्मचारियों ने सचिवालय के गेट पर नाटी के साथ खुद अपने बनाए हुए गानों के मुखड़े गाए। उन्होंने तेरिया हारा दा मामे जोर बथेरा लाया, पुरानी पेंशन नहीं रुकदी, मामे जोर बथेरा लाया। लेई जाणी, लेई जाणी असां पुरानी पेंशन लेई जाणी, छड्डी जाणी, छड्डी जाणी असां नई पेंशन छड्डी जाणी। इसके अलावा लगी जाणी, लगी जाणी पुरानी पेंशन लगी जाणी, विमला तेरे होटले आदि मुखड़ों पर लगातार नाटी डाली। बता दें कि इससे पहले पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के दौरान एनपीएस कर्मचारियों ने ही नारे लगाए थे। उन्होंने जोइया मामा मनदा नहीं, कर्मचारियां दी शुणदा नहीं.. नारे लगाए थे। इसके बाद अचानक आंदोलन ने रफ्तार पकड़ ली थी। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वयं माना था कि कर्मचारियों ने उन्हें ही मामा कहकर संबोधित किया था।