कसौली गोलीकांड के बाद अब हिमाचल पुलिस की कार्यशैली में कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लिखित निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी अभियान या कार्रवाई के लिए तैनात होने वाले जवानों को हथियारों से लैस रखना सुनिश्चित करें। कार्रवाई छोटी हो या बड़ी, मौके पर मौजूद पुलिस कर्मी जरूरी हर साजो सामान से लैस होंगे।
कसौली गोलीकांड के दौरान पुलिस कर्मियों के पास असलहा न होने और आपस में बातचीत के लिए कोई संसाधन न होने की बात सामने आई थी। इसी को देखते हुए पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी ने सभी रेंज के आईजी व जिलों के एसपी को कई तरह के निर्देश जारी किए हैं।
कहा गया है कि किसी भी अभियान या कार्रवाई से पहले वरिष्ठ अधिकारी पुलिस कर्मियों को मौके के लिए ब्रीफिंग देंगे। इसके अलावा हर पुलिस कर्मी असलहे से लैस होकर ही मौके पर जाएगा। साथ ही जितनी भी टीमें तैनात होंगी, उनके पास आपसी संवाद के लिए वाकी टॉकी होना आवश्यक होगा।
जिस क्षेत्र में अभियान चलना है, वहां मौजूद सभी असलहाधारियों के असलहों को 48 घंटे पहले ही जमा करना होगा। भीड़ को नियंत्रित करने व संवाद के लिए मेगा फोन भी साथ रखना होगा।
डीजीपी मरडी ने कहा कि हर घटना से कुछ न कुछ सीख मिलती है। कसौली गोलीकांड से भी काफी कमियों और चूक का पता चला है, जिन्हें भविष्य में न होने देने के लिए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।