रोहतांग दर्रा में ट्रैफिक के लिए लागू ऑड-ईवन का फार्मूला 3 मई से समाप्त हो गया है।
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रोहतांग दर्रा आरपार करने वाले मुसाफिरों के लिए राहत भरी खबर है। रोहतांग दर्रा में ट्रैफिक के लिए लागू ऑड-ईवन का फार्मूला 3 मई से समाप्त हो गया है। मंगलवार से अब रोहतांग दर्रा होकर दोनों तरफ से एक साथ ट्रैफिक चलनी आरंभ हो जाएगी है।
अब बड़े वाहनों के लिए भी रोहतांग दर्रा खुल गया है। हालांकि बाइकर्स को अभी यहां चलने की अनुमति नहीं है। पिछले दो दिनों तक रोहतांग दर्रा को ट्रैफिक लिए बंद रखने के बाद सीमा सड़क संगठन ने सड़क को चौड़ा करते हुए 3 मई से ट्रैफिक फिर से बहाल करने का ऐलान किया है।
मढ़ी तथा कोकसर स्थित बचाव चौकियों की ओर से लाहौल आने एवं जाने वाले सभी चौपहिया वाहनों को, मौसम के अनुसार दोनों तरफ आवागमन की अनुमति दी जाएगी। दो पहिया वाहनों को बचाव चौकियों ने आवागमन की अनुमति नहीं दी है। भारी वाहनों को पहले गुलाबा से छोड़ा जाएगा एवं उनके कोकसर पहुंचने पर ही मनाली की तरफ जाने वाले बड़े वाहनों को कोकसर से मनाली की तरफ छोड़ा जाएगा।
सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल केपी राजेंद्र ने बताया कि दो दिनों के बीच संगठन ने राहनीनाला और रोहतांग के बीच सड़क के दोनों किनारों पर खड़ी बर्फ की दीवारों को काटकर सड़क चौड़ी कर दी है। इस बीच दो दिनों तक रोहतांग में ट्रैफिक पर पूरी तरह पाबंदी रही। इधर, रोहतांग से ऑड-ईवन फार्मूला हटने और दोनों तरफ से छोटे वाहनों की आवाजाही को मंजूरी मिलने से जनजातीय क्षेत्र के निवासियों ने राहत की सांस ली है।
जिप सदस्य रिगजिन समफेल हायरपा ने कहा कि इससे आम लोगों के साथ मरीजों और जरूरतमंदों को आवाजाही में सुविधा मिलेगी। उधर, डीसी लाहौल-स्पीति विवेक भाटिया ने कहा कि मंगलवार से रोहतांग दर्रा पर दो तरफा आवाजाही रहेगी, लेकिन बाइकर्स को आवागमन की अनुमति नहीं है। भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर भी आवश्यक निर्देश जारी किए हैं ताकि यातायात सुचारू बना रहे।